जौनपुर। नगर में आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला जब श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा समिति तथा श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में रथयात्रा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस भव्य आयोजन की शुरुआत नगर के प्राचीन श्री हनुमान घाट से ‘स्नान जल कलश यात्रा’ के साथ हुई।
प्रातःकाल डॉ. रजनीकांत द्विवेदी के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 108 कलशों में पवित्र जल भरकर यात्रा की शुरुआत की गई। यात्रा का नेतृत्व कर रहे संयोजक नीरज श्रीवास्तव के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का विशाल जत्था हनुमान घाट से शाही क़िला, मानिक चौक होते हुए जब श्री जगन्नाथ मंदिर रासमंडल पहुँचा, तो पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल छा गया।
मंदिर परिसर में पहुँचने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ जी, बहन सुभद्रा जी और भाई बलभद्र जी को विधिवत 108 जल कलशों से स्नान कराया गया। यह आयोजन पौराणिक मान्यता पर आधारित है कि ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को तीव्र गर्मी के कारण भगवान स्वयं स्नान करते हैं। मान्यता अनुसार इस दिन श्री जगन्नाथ जी 38 कलश, सुभद्रा जी 33 कलश और बलभद्र जी 37 कलशों के जल से स्नान करते हैं।
इस अवसर पर रथयात्रा महोत्सव के अध्यक्ष शशांक सिंह ‘रानू’, महामंत्री शिव शंकर साहू, सह संयोजक विनय बरोतिया, जग्गू सेठ, यात्रा प्रभारी पं. निशाकांत जी, राजेश गुप्ता, आशीष यादव, संतोष गुप्ता, पं. आशुतोष मिश्रा, संजय गुप्ता (CA), भरत कपूर, संजय पाठक, मनीष गुप्ता, रत्नेश गाढ़, मनोज मिश्रा, विजय अस्थाना, सभासद बसंत प्रजापति, आलोक वर्मा, डॉ. विकास रस्तोगी, विवेक भाटिया, नीलिमा गुप्ता, संध्या सेठ, महेंद्र, केतन अस्थाना समेत अनेक गणमान्यजन, श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।
पूजन के उपरांत भगवान को पारंपरिक हलवा-चना का भोग अर्पित किया गया और यह प्रसाद सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम श्रद्धा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम की सफलता के लिए अध्यक्ष शशांक सिंह “रानू” ने आयोजन समिति, भक्तगण एवं नगरवासियों का आभार प्रकट करते हुए इसे प्रभु की कृपा बताया।
