2 जुलाई 2025 को अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था जम्मू से रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर बेस कैंप में पूजा-अर्चना कर 3,000 से अधिक श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाई। यह यात्रा पवित्र अमरनाथ गुफा तक जाती है, जो 3,880 मीटर की ऊँचाई पर है। यात्रा दो मार्गों—पहलगाम और बालटाल—से होती है। इस साल 29 जुलाई तक चलने वाली यह यात्रा भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए CRPF, J&K पुलिस और NDRF की तैनाती की है। मेडिकल कैंप, ऑक्सीजन सिलेंडर और लंगर की व्यवस्था हर कैंप में है। मौसम विभाग ने बारिश की चेतावनी दी, जिसके लिए हेलिकॉप्टर सेवाएँ और आपातकालीन योजनाएँ तैयार हैं। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है। उपराज्यपाल ने कहा कि यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। स्थानीय लोग भी यात्रियों की मदद के लिए तैयार हैं। यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया है, ताकि हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे।
