दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 पर सोमवार शाम करीब 6:55 बजे एक तेज रफ्तार कार में जबरदस्त धमाका हो गया। यह विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास की कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं और सड़कें तहस-नहस हो गईं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक घायल हैं। लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में इलाजरत मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, हरियाणा नंबर वाली मारुति स्विफ्ट डिजायर कार में 2-3 संदिग्ध सवार थे, जो धीमी गति से चल रही थी। खुफिया सूत्रों ने इसे आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से किया गया आतंकी हमला बताया है। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लोग भागने लगे और आग की लपटें आसमान छूने लगीं। कोई गड्ढा न मिलने से सीएनजी सिलेंडर फटने की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन फोरेंसिक टीमें नमूने जांच रही हैं।

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। 20 से अधिक फायर टेंडरों ने आग बुझाई, जबकि एनएसजी की बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वायड और स्पेशल सेल मौके पर पहुंची। गृह मंत्री अमित शाह ने साइट का दौरा किया और कहा, “सभी पहलुओं की जांच हो रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त कर मृतकों के परिवारों को सांत्वना दी।

इस हमले से ठीक पहले हरियाणा के फरीदाबाद में 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था, जो कश्मीर से जुड़े आतंकी मॉड्यूल से संबंधित था। दिल्ली के अलावा मुंबई, उत्तर प्रदेश, बिहार, कोलकाता और अयोध्या में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बिहार में दूसरे चरण की वोटिंग से एक दिन पहले यह घटना चिंता बढ़ा रही है।

सीसीटीवी फुटेज खंगारे जा रहे हैं, जबकि एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिसके जम्मू-कश्मीर से लिंक होने की आशंका है। विपक्षी नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पारदर्शी जांच की मांग की। यह 2005 के सरोजिनी नगर बम धमाकों के बाद दिल्ली में सबसे बड़ा हमला है। जांच जारी है, लेकिन राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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