क्षेत्र पंचायत के टेंडर निरस्त, सदस्यों का विधायक पर सीधा आरोप — “सत्ता का दुरुपयोग कर विकास रोका”

  • ओमकार त्रिपाठी

सुईथाकलां | क्षेत्र पंचायत की कुल 45 विकास परियोजनाओं के टेंडर को सोमवार को खंड विकास अधिकारी जीतेन्द्र सिंह ने तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निरस्त कर दिया। टेंडर निरस्त होने की सूचना जैसे ही कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मिली, उनके बीच भारी नाराजगी देखी गई। सदस्यों ने इसे विकास विरोधी कदम बताया।

जानकारी के अनुसार, विकास खंड में क्षेत्र पंचायत से संचालित 45 परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किया गया था। टेंडर जारी होने के एक सप्ताह बाद ही कुछ विरोधी क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने प्रमुख पर “कुछ कार्य पहले ही शुरू कर दिए गए” का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत कर दी।

जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने खंड विकास अधिकारी जीतेन्द्र सिंह को निर्देश दिया कि तीन सदस्यीय समिति गठित कर सभी कार्यों का सत्यापन कराया जाए। इसके बाद ब्लॉक के तीन कर्मचारियों की समिति बनाई गई।

समिति ने पहली जांच में सभी टेंडर सही पाए और निरस्त करने की कोई गुंजाइश नहीं थी।लेकिन अचानक मौखिक निर्देश पर दूसरी रिपोर्ट मांगी गई। दूसरी जांच में समिति ने कुछ कार्य शुरू होने की बात कही। जांच अधिकारी ने 29 नवंबर को अपनी रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी को सौंपी, जिसके आधार पर सोमवार को सभी 45 परियोजनाओं के टेंडर निरस्त कर दिए गए। निरस्तीकरण की प्रति देर शाम क्षेत्र पंचायत प्रमुख को प्राप्त हुई।

सदस्यों ने लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप

टेंडर निरस्त होने की सूचना मिलते ही दर्जनों क्षेत्र पंचायत सदस्य भड़क उठे। मयारी के प्रशांत पांडेय, बसिरहा-भुसौडी की तारा तिवारी, भैसौली के हृदय नारायण दूबे, लौदा के अशोक सिंह (सदस्य के पति एवं प्रतिनिधि), पूरासम्भलशाह-सरपतहा की पूनम दीक्षित, चिलबिली के रामपाल, अमावा कला के राम नयन प्रजापति, मीना सिंह, अमावा खुर्द के अजीत सिंह, अढनपुर के अनिल गिरी सहित कई सदस्यों ने इस राजनीतिक चाल के पीछे विधायक पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए अपने चमचों के कहने पर विरोधी सदस्यों के साथ मिलकर अधिकारियों पर दबाव बना कर के, निराधार शिकायत कर टेंडर निरस्त करा दिए जबकि 3 सदस्यों की कमिटी ने पहले जांच ने टेंडर को सही पाया था।

शाहगंज महोत्सव में भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान
भाजपा खेमे में आक्रोश की दूसरी बड़ी वजह हाल ही में संपन्न शाहगंज महोत्सव है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि विधायक ने मंच से भाजपा कार्यकर्ताओं का खुलेआम अपमान किया था इस घटना से कई मंडलों के भाजपा पदाधिकारी बेहद नाराज हैं। एक वरिष्ठ भाजपा मंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि , “विधायक ने शाहगंज महोत्सव में सुईथाकलां मंडल के कार्यकर्ताओं का जो अपमान किया था, उसका हिसाब जनता और कार्यकर्ता अगले चुनाव में चुकता करेंगे।” इसी के साथ भाजपा की स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप में भी आक्रोशित बयानों के फोटो खूब लीक हुए, जिसमें कार्यकर्ताओं ने विधायक पर जमकर गाज गिराई और अपनी नाराजगी प्रकट की, की कैसे भाजपा के कार्यकर्ताओं को घंटों बैठा कर रखने के बाद भी, बिना सम्मानित हुए लौटना पड़ा, “जब अपमानित करना था तो आमंत्रित क्यों किया.?” जैसे सवाल पूछे गए.!

प्रमुख विद्या तिवारी का बयान

क्षेत्र पंचायत प्रमुख विद्या तिवारी ने कहा, “मैं हमेशा सभी सदस्यों का सम्मान करते हुए जनहित में काम करती आई हूं। टेंडर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की नाली, पुलिस चौकी मोहदीसराय में इंटरलॉकिंग आदि जरूरी कार्य शामिल थे, जिन्हें उच्च अधिकारियों के निर्देश पर टेंडर के बाद शुरू किया गया था। प्रथम जांच में सब कुछ सही पाया गया था। फिर भी राजनीतिक द्वेष के चलते निराधार आरोप लगाकर सारे टेंडर निरस्त करा दिए गए। यह लोकतंत्र और जनहित में नहीं है। इससे क्षेत्र का विकास रुक जाएगा। मैं प्रमुख चुनी गई तब से कुछ लोग इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं। जनता सब देख रही है।”

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी जीतेन्द्र सिंह से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र टेंडर बहाल नहीं किए गए तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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