मुंबई। सामाजिक, साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था साहित्य कला मंच का पिछले चार दशक से अधिक तक मंचीय बागडोर संभालने वाले,मंच के पूर्व महामंत्री, मुंबई कांग्रेस को जुझारू नेतृत्व प्रदान करने वाले, हिंदी भाषी समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, बाबूजी के नाम से लोकप्रिय पं. गोपीनाथ मिश्रा का कल चीरा बाजार स्थित उनके अपने ‘वजीरा मेंशन’ आवास पर निधन हो गया। नब्बे वर्षीय गोपीनाथ मिश्रा अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह साहित्य कला मंच, परोपकार,श्रीहरि सत्संग समिति सहित दर्जनों सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े हुए थे।बाबू जी के छोटे बेटे और साहित्य कला मंच के महामंत्री विनय मिश्र ने चंदनवाड़ी श्मशान पर उन्हें मुखाग्नि दी। इस अवसर पर साहित्यक, सामाजिक, आध्यात्मिक और व्यापारिक जगत की तमाम हस्तियां उपस्थित थीं। बाबू जी गांधी विचार धारा से जुड़ी पुरानी पीढ़ी का नेतृत्व करते थे। वह खादी ग्रामोद्योग से दशकों से जुड़े हुए थे। उनके निधन का समाचार सुनते ही हिंदी भाषी समाज और रामलीला समितियों से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 27 दिसंबर 2023 को शाम पांच बजे से सात बजे तक ब्रज मंडल सभागृह, विल्सन कालेज के पीछे शोकसभा रखी गई है। सात बजे के बाद त्रयोदश संस्कार (तेरहवीं) पर ब्रह्मभोज का आयोजन है।

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