वसई। उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने वसई के गणेशपुरी में दीपोत्सव समारोह में कहा कि उन्हें आज स्वर्गीय आनंद का अनुभव हुआ है और वह बालयोगी सदानंद महाराज आश्रम संस्थान द्वारा आयोजित बालयोगी के “दीपोत्सव” समारोह में इस तरह के अनुभव का आनंद लेने के लिए फिर से आएंगे। इस अवसर पर विशाल समुदाय में उपस्थित बालयोगी के भक्तों को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि मैं तुंगारेश्वर परशुराम कुंड मंदिर परिसर में आश्रम के स्थान को लेकर हमारे मन में क्या भावनाएं हैं, यह मैं जानता हूं। मैं आपकी उस इच्छा को शीघ्र ही पूर्ण करने का प्रयास करूँगा और उस कार्य के पूर्ण होने पर अगले दीपोत्सव समारोह में सम्मिलित होकर कृतज्ञता की पूर्ण संतुष्टि प्राप्त करूँगा।
हभप सर्वेश्वरी जो बालयोगी के भक्तों की प्रिय हैं, उन्होंने अपने परिचयात्मक भाषण में कहा कि बचपन में अपने माता-पिता के साथ तपस्या करते हैं न केवल भारत भर में अपने सैकड़ों भक्तों को अपने साथ लेकर चल रहे हैं। विदेशों तक गीता एवं ज्ञानेश्वरी का संदेश पहुंचाने वाले एकमात्र हमारे बालयोगी सदानंद महाराज ये संत हैं। हभप माधव नामदास महाराज ने अपने भाषण में बालयोगी के आध्यात्मिक कार्य का महत्व समझाया। इस बार जगन्‍नाथ महाराज भोसले, आदिनाथ महाराज, कबीर महाराज, पुरुषोत्तम महाराज, विठ्ठल देसाई महाराज, प्रकाश पाटिल, वज्रेश्वरी देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र पाटिल, नित्यानंद मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष संध्या जाधव, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, बालयोगी श्री सदानंद महाराज आश्रम संस्था अध्यक्ष गुरुनाथ भोईर, कार्यकारी अध्यक्ष विजय पाटिल, संयुक्त सचिव केदारनाथ म्हात्रे, ट्रस्टी रतन पाटिल, दिलीप भोईर, , जड़ी बूटी विभाग अध्यक्ष पुरूषोत्तम पाटील आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। ट्रस्टी ज्योति ठाकरे एवं मुख्य सचिव भास्कर भोईर ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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