मुंबई। बृहन्मुंबई मनपा मुख्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है और मनपा ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी गई जानकारी में यह बात स्वीकार की है। बृहन्मुंबई मनपा मुख्यालय और अन्य स्थानों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति धोखाधड़ी के संबंध में कार्रवाई करने और सख्त कदम लागू करने की मांग की गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मनपा आयुक्त कार्यालय से पिछले 5 वर्षों में फर्जी बायोमेट्रिक उपस्थिति के संबंध में जानकारी मांगी थी। मनपा मुख्यालय मेंटनेस विभाग ने अनिल गलगली को सफाईकर्मी रमेश सोलंकी, ज्योति घुगल और सुहास कसारे की जानकारी प्रदान की। खुद सुहास कसारे ने खुद के अटेंडेंस के साथ रमेश सोलंकी और ज्योति घुगल की अटेंडेंस लगाई थी। उस वक्त सीसीटीवी कैमरे में रमेश सोलंकी और ज्योति घुगल बायोमेट्रिक मशीन के पास नजर नहीं आए थे। मनपा ने इन तीनों को ज्ञापन जारी किया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसी अन्य विभाग ने अभी तक जानकारी प्रदान नहीं की है। अनिल गलगली द्वारा मनपा आयुक्त को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की बात हर जगह चल रही है, चाहे वह मनपा का मुख्यालय हो या अन्य मनपा का कार्यालय हो। उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में ऐसी घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि बायोमेट्रिक अटेंडेंस एक अत्याधुनिक प्रणाली है, लेकिन इसका दुरुपयोग किया जा रहा है और फर्जी अटेंडेंस की जा रही है। अगर भविष्य में हम इसमें सुधार करें और डिफॉल्टरों के खिलाफ कानूनी और सख्त कार्रवाई करें तो कोई भी गलती नहीं करेगा। साथ ही अनिल गलगली ने मांग की है कि ऐसे मामलों में पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जानकारी सार्वजनिक की जाए।

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