उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी BJP द्वारा अपने उम्मीदवारों के ऐलान और नामांकन के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर बिना नाम लिए तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने किसी उद्योगपति या धनपति को टिकट देने के बजाय जमीन से जुड़े साधारण कार्यकर्ताओं को मौका दिया है, जो संगठन के प्रति समर्पित रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान और केंद्रीय नेतृत्व के बड़े संदेश पर जोर
अपर्णा यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि बीजेपी ने उन लोगों को प्राथमिकता दी है जिन्होंने पार्टी के संगठन से जुड़कर अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने इसके जरिए एक बहुत बड़ा संदेश दिया है कि पार्टी अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान करती है। हर उस व्यक्ति की चिंता करना नेतृत्व का दायित्व है जो पार्टी की मजबूती के लिए दिन-रात काम करता है।
विपक्ष पर डरने का आरोप, सपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार न उतारने पर प्रतिक्रिया
जब अपर्णा यादव से यह सवाल किया गया कि समाजवादी पार्टी ने इस बार तीसरा उम्मीदवार मैदान में क्यों नहीं उतारा, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष शायद अंदरूनी भय से घिर गया है, इसी वजह से उन्होंने तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा। बता दें कि बीजेपी ने इस बार धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को अपना उम्मीदवार बनाया है और किसी भी मौजूदा सांसद को रिपीट नहीं किया है।
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समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और धनराज नथवानी के चयन पर चर्चा
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि जहां एक तरफ बीजेपी ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को राज्यसभा की टिकट दी है, वहीं समाजवादी पार्टी ने प्रोफेसर राम गोपाल यादव के साथ-साथ धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। धनराज नथवानी रिलायंस समूह से जुड़े हैं और उद्योग जगत के जाने-माने चेहरे माने जाते हैं। इसी संदर्भ में अपर्णा यादव का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने पार्टी की कार्यशैली और विपक्षी दलों की रणनीतियों पर खुलकर अपनी बात रखी।


