नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों, सड़क जाम और यातायात प्रतिबंधों के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने की बात सामने आई है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के चलते बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच और माल की आवाजाही पर असर पड़ता है। इसी मुद्दे को उठाते हुए भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से हस्तक्षेप की अपील की है।
रोजाना 250 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर का दावा
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारियों ने दिल्ली में प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी यातायात संबंधी परेशानियों के कारण प्रतिदिन लगभग 250 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है। हालांकि, इस आंकड़े को व्यापारियों का दावा माना जाना चाहिए। नुकसान की वास्तविक राशि की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि जब प्रमुख सड़कों पर जाम लगता है या यातायात का मार्ग बदला जाता है, तो बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इससे दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, ग्राहकों और सामान की आपूर्ति से जुड़े कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि जब प्रमुख सड़कों पर जाम लगता है या यातायात का मार्ग बदला जाता है, तो बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इससे दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, ग्राहकों और सामान की आपूर्ति से जुड़े कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
31 जनवरी 2027 तक प्रदर्शन स्थगित करने की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापार मंडल ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों को 31 जनवरी 2027 तक स्थगित करने पर विचार किया जाए। व्यापारियों ने आगामी त्योहारों और विवाह समारोहों के मौसम का हवाला देते हुए कहा कि यह अवधि कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होती है।
नवरात्र, दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और विवाह समारोहों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे समय में यातायात बाधित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
मेट्रो और सड़कों पर प्रतिबंध से बढ़ती परेशानी
व्यापारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ क्षेत्रों में यातायात प्रतिबंध, मार्ग परिवर्तन और मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी पाबंदियां लोगों की आवाजाही को प्रभावित कर सकती हैं। इसका असर केवल दुकानदारों पर ही नहीं, बल्कि बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों और माल पहुंचाने वाले वाहनों पर भी पड़ता है।
व्यापारिक संगठन चाहते हैं कि प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ कारोबार और आम लोगों की आवाजाही को भी ध्यान में रखे। इसके लिए प्रदर्शनों के दौरान वैकल्पिक मार्ग, यातायात प्रबंधन और बाजारों तक पहुंच बनाए रखने जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
कारोबार और प्रदर्शन के बीच संतुलन की जरूरत
दिल्ली देश की प्रमुख व्यापारिक राजधानियों में से एक है। यहां होने वाली गतिविधियों का असर स्थानीय दुकानदारों से लेकर परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था तक पड़ सकता है। ऐसे में व्यापारियों की मांग है कि राजनीतिक प्रदर्शनों के आयोजन और उनके प्रबंधन को लेकर ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे कारोबार तथा आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।


