समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर पहुंचे और जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक परिवार को आज़म खान के परिवार जितना अन्याय नहीं झेलना पड़ा। उन्होंने मुकदमों को फर्जी बताते हुए कहा कि ये केस उन्हें लंबे समय तक कैद नहीं रख सकते।
मुलाकात कैसे हुई?
अखिलेश यादव हेलीकॉप्टर से रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर उतरा। वहां से वे सीधे रामपुर जिला जेल पहुंचे। मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश आज़म खान के आवास गए और उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भी मिले।
यह अखिलेश यादव की एक साल में आज़म खान से तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले वे अक्टूबर 2025 में भी उनसे मिल चुके थे।
अखिलेश का बयान
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा—
“आज़म थे, आज़म हैं और आज़म रहेंगे। किसी भी परिवार ने, खासकर किसी राजनीतिक परिवार ने, उतना अन्याय नहीं झेला जितना आज़म खान के परिवार ने झेला है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आज़म खान पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमों के कारण उन्हें कई साल जेल में बिताने पड़े। अखिलेश ने कहा कि फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वे सच्चाई को हमेशा के लिए कैद रख सकें। समय लग सकता है, लेकिन न्याय जरूर मिलेगा।
उन्होंने मुलाकात को राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक बताया। अखिलेश ने कहा कि आज़म खान उनके दिल से जुड़े हुए हैं।
क्या चर्चा हुई?
अखिलेश यादव ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच आज़म खान की सेहत, पार्टी की रणनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आज़म खान ने कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि सिर्फ सुझाव दिए। दोनों नेताओं ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर बातचीत की। अखिलेश ने गठबंधन सहयोगियों से मिले सुझावों की सूची भी साथ रखी थी।
आज़म खान की सेहत के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि उनकी सेहत पहले से बेहतर है, लेकिन जेल की कठिनाइयां बनी हुई हैं।
राजनीतिक संदेश
यह मुलाकात 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी आरोप लगाया कि इसे जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई।
भाजपा की तरफ से इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया आई। पार्टी ने इसे चुनावी चाल बताया। भाजपा नेता विनोद तावड़े ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी आज़म खान को गृह मंत्री बनाने की योजना बना रही है।
पृष्ठभूमि
आज़म खान को दो पैन कार्ड मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई है, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान की सात साल की सजा बरकरार रखी गई है। इसके अलावा आज़म खान पर कई अन्य मामले भी चल रहे हैं। वे इन फैसलों के खिलाफ अपील कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी लंबे समय से इन मुकदमों को राजनीतिक बताती रही है।
अखिलेश यादव का यह दौरा पार्टी के अंदर आज़म खान के महत्व को रेखांकित करता है। रामपुर में आज़म खान का प्रभाव अभी भी कायम माना जाता है। अखिलेश का सीधा समर्थन पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संदेश देता है कि आज़म खान अभी भी पार्टी की मुख्यधारा में हैं।
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे अन्याय के खिलाफ आवाज बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे चुनावी रणनीति करार दे रहा है। अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में यह मुलाकात कितना असर छोड़ती है।
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