प्रभाकर त्रिपाठी(अखंड राष्ट्र)
लखीमपुर | जनपद खीरी से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।
लखीमपुर खीरी के
थाना भीरा क्षेत्र के गांव नौसर जोगी निवासी विपिन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी रूबी गुप्ता को डिलीवरी के लिए लखीमपुर स्थित महेवागंज के एक प्राइवेट अस्पताल गोलदार हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां डिलीवरी के दौरान रूबी की तबीयत खराब हो गई। उसे आनन-फानन मे डाक्टर ने दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने बताया कि दवा गलत होने की वजह से गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई है। डॉक्टर ने महिला की डिलीवरी कराई। इसके अलावा पिता का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने समय से उपचार नहीं किया। रुपये मांगते रहे। अगर समय से उपचार मिल जाता तो सायद नवजात बच्चा जिंदा होता। पीड़ित विपिन गुप्ता ने नवजात मृतक बच्चा एक थैला मे लेकर रोते बिलखते हुए डीएम कार्यालय पहुंचा और आप बीती बताई साथ ही इंसाफ की गुहार लगायी विपिन की शिकायत सुनकर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने जांच के आदेश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।मामले को संज्ञान मे लेते हुए सीएमओ संतोष गुप्ता मौके पर पहुचकर जांच शुरु कर दी।बताया कि दोषियों के प्रति कार्रवाई की.जायेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की लचर कार्य शैली की वजह से सायद जिले में सैकड़ों फर्जी अस्पतालों के डाक्टर मरीज के परिजनो की जेब पर अनुचित डाका डालकर रूपये वसूलने का कार्य करते है। जिसमे मरीज के घर वाले नही दे पाते और आए दिन अस्पताल मे मौते हो रही हैं। लेकिन विभाग हमेशा सिर्फ खानापूर्ति की कार्रवाई करता रहता है। और काम बराबर चलता रहता है।

