अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के चार जजों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध अपराधों की जांच शुरू करने की कोशिश की थी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 5 जून 2025 को इन प्रतिबंधों की घोषणा की, जो राष्ट्रपति ट्रंप के फरवरी में हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश का हिस्सा हैं। इन प्रतिबंधों में जजों के प्रवेश पर रोक और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की संभावना शामिल है। आईसीसी ने इस कदम को “अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थान की स्वतंत्रता को कमजोर करने का स्पष्ट प्रयास” करार दिया।
पिछले साल नवंबर में, आईसीसी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के साथ-साथ हमास के शीर्ष नेताओं के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। अमेरिका और इजरायल, जो आईसीसी के सदस्य नहीं हैं, ने इस कदम की कड़ी निंदा की। यह घटना वैश्विक न्याय और राष्ट्रीय संप्रभुता के बीच तनाव को उजागर करती है। कई देशों ने आईसीसी के फैसले का समर्थन किया, जबकि अमेरिका ने इसे अपनी विदेश नीति के खिलाफ माना। इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय कानून और शक्ति संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है।

