मुंबई। 12 जुलाई 2025 की शाम मुंबई हिंदी अकादमी के तत्त्वावधान में आयोजित ओमप्रकाश पांडेय के नए कथा संग्रह ‘अनपढ़’ का विमोचन मुंबई प्रेस क्लब में डॉ. श्याम सुंदर पांडेय की अध्यक्षता में, मुख्य अतिथि पवन तिवारी के हाथों विशेष अतिथि रोहित त्रिपाठी एवं अलका पांडेय के हाथों सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का आरंभ कवि रवि यादव ने सरस्वती वन्दना से किया। आर के पब्लिकेशन समूह मुंबई द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार प्रकट करते हुए साहित्यकार पवन तिवारी ने कहा कि ओम प्रकाश पांडे जी की कहानियों को पढ़ते हुए यह महसूस हुआ कि यह कथा संग्रह वर्तमान के संक्रमण काल से उपजी सामाजिक विद्रूपताओं का मार्मिक दस्तावेज है। वहीं कार्यक्रम के अध्यक्ष
डॉ. श्यामसुंदर पांडेय ने कहा कि इनकी कहन शैली सरल और सरल है, जो पाठक को जोड़े रखती है। अलका पांडे ने इसे आम जीवन की कहानी बताई। रोहित त्रिपाठी ने इसे साहित्य की महत्वपूर्ण कृति बताते हुए सभी से पढ़ने का आग्रह किया। लेखक ओम प्रकाश पांडेय ने अपने लेखकीय वक्तव्य में कहा कि मैंने जो जीवन में देखा, उसी को कहानी के रूप में प्रस्तुत किया।
दूसर सत्र में कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने काव्य पाठ किया। जिनमें वरिष्ठ कवयित्री प्रोमिला शुक्ला, सत्यभामा सिंह, लक्ष्मी यादव, रवि यादव, त्रिलोचन सिंह अरोरा, नंदलाल क्षितिज, दिनेश कुमार, सूर्यकांत शुक्ला, पल्लवी रानी,शारदा प्रसाद दुबे, ताबिश रामपुरी,अंजली जायसवाल, वीणा शर्मा, राकेश त्रिपाठी, अनिल कुमार चंचल, गीता बिजलानी, अलका रावत, मधु वर्मा, अरुण प्रकाश मिश्रा अनुरागी आदि कवियों ने काव्य पाठ किया। इस कार्यक्रम में साहित्य व कला से जुड़े गणमान्य उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव रामकुमार ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार प्रकट किया।

