- ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल-ईरान तनाव के बीच एक
चौंकाने वाला ट्वीट किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। 16 जून, 2025 को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए गए अपने ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, “ईरान ने ‘डील’ पर हस्ताक्षर नहीं किए। कितना शर्मनाक है, और मानव जीवन बर्बाद हो रहा है। आसान शब्दों में, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते! मैंने बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए!” इस ट्वीट को 10.6K रीट्रूथ और 40.0K लाइक्स मिले हैं, जिससे इसकी गंभीरता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ट्रंप का यह बयान इज़रायल द्वारा तेहरान में किए गए हवाई हमलों के बाद आया है, जिसमें ईरान के सरकारी टीवी स्टेशन जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने अपने ट्वीट में ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाया और कहा कि अगर ईरान ने उनके प्रस्तावित परमाणु समझौते को स्वीकार किया होता, तो यह संकट टाला जा सकता था। इस ट्वीट के बाद तेहरान में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग डर के मारे शहर छोड़कर भाग रहे हैं, और सड़कों पर भारी ट्रैफिक की खबरें सामने आई हैं।
ईरान ने ट्रंप के इस बयान को “मनोवैज्ञानिक युद्ध” का हिस्सा करार दिया है, लेकिन नागरिकों में डर साफ देखा जा सकता है। ईरानी सरकार ने कतर, सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों के जरिए अमेरिका से इज़रायल पर युद्धविराम के लिए दबाव डालने की अपील की है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ट्रंप का ट्वीट शाब्दिक रूप से खाली करने का आदेश नहीं था, बल्कि यह ईरान को कूटनीतिक बातचीत के लिए मजबूर करने की रणनीति थी।
ट्रंप के इस ट्वीट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे अमेरिका की ओर से क्षेत्र में हस्तक्षेप का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं। इस स्थिति में अमेरिका की अगली भूमिका और ट्रंप के बयानों का असर आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

