9 जून 2025 से अमेरिका ने नए प्रवेश प्रतिबंध लागू किए हैं, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों का हिस्सा हैं। ये प्रतिबंध मुख्य रूप से कुछ देशों के नागरिकों पर केंद्रित हैं, जिन्हें सुरक्षा चिंताओं के आधार पर चुना गया है। इस नीति के तहत वीजा प्रक्रियाओं को और सख्त किया गया है, और लॉस एंजिल्स में आव्रजन विरोधी प्रदर्शनों के जवाब में 2,000 नेशनल गार्ड्समैन तैनात किए गए हैं। इस कदम की आलोचना करते हुए, मानवाधिकार संगठनों ने इसे “राजनीति से प्रेरित” करार दिया है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। इस नीति का भारत सहित कई देशों के साथ व्यापार और राजनयिक संबंधों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय पेशेवरों को वीजा प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। पश्चिमी एशियाई देशों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है, विशेष रूप से कश्मीरी मुद्दों को उठाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। यह नीति वैश्विक स्तर पर आव्रजन बहस को और गहरा सकती है।

