– शिवम् शुक्ला (अखंड राष्ट्र)
तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) 2025 में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और उनकी टीम डिंडीगुल ड्रैगन्स पर बॉल टैंपरिंग का गंभीर आरोप लगा था, लेकिन तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) ने जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी है। सिएचम मधुरै पैंथर्स ने 14 जून को सलेम में खेले गए मैच के बाद अश्विन और उनकी टीम पर रासायनिक तौलियों से गेंद के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था।
मधुरै पैंथर्स ने टीएनपीएल के सीईओ प्रसन्ना कन्नन को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज की थी, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में यह आरोप खारिज कर दिया गया। जांच में पाया गया कि आरोप निराधार और अनुमान पर आधारित थे। अश्विन ने इस मैच में चार ओवर में 27 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। हालांकि, बल्ले से उन्होंने 29 गेंदों में 49 रन बनाकर ड्रैगन्स को नौ विकेट से आसान जीत दिलाई।
इस विवाद ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी थी, क्योंकि अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर इस तरह का आरोप गंभीर माना जाता है। टीएनपीएल ने मधुरै पैंथर्स से 24 घंटे के भीतर सबूत पेश करने को कहा था, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। अश्विन पहले भी टीएनपीएल में अंपायर के फैसले पर असहमति जताने के लिए 30% मैच फीस का जुर्माना झेल चुके हैं। इस क्लीन चिट के बाद अश्विन और ड्रैगन्स ने राहत की सांस ली है, लेकिन भविष्य में नए सबूत सामने आने पर स्वतंत्र जांच की संभावना बनी हुई है।

