शाहगंज (जौनपुर)। अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, इससे बुद्धि और ज्ञान का हरण होता है। यह उद्घोष कथा वाचक श्री लक्ष्मणाचार्य महाराज जी ने किया। वे सोमवार को आईपीएस सृष्टि मिश्रा पिपरौल तथा अधिवक्ता कपिल देव मिश्रा के निवास पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन प्रवचन कर रहे थे।
महाराज जी ने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती कांपने लगी, तब भगवान श्रीकृष्ण को अवतार लेना पड़ा। जन्म लेते ही जेल के सारे बंधन टूट गए और वे गोकुल पहुंच गए। उन्होंने आगे कहा—जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतरित होते हैं। श्रीकृष्ण के प्रसंग सुनते ही पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से वातावरण गुंजायमान कर दिया।
इस अवसर पर विदेश मंत्रालय के अवर सचिव आदर्श मिश्रा, शाहगंज विधायक रमेश सिंह, लम्मुहा (सुल्तानपुर) के पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय, प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. उमेश चंद्र तिवारी, रमेश चंद्र मिश्रा, राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार प्राप्त सतीश सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती तारा प्रणय तिवारी, शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. रणजय सिंह, अध्यापक उमेश यादव, अमित मिश्रा, क्षेत्र पंचायत सदर प्रशांत पांडेय, काका यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

