– ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक दुखद विमान हादसा हुआ, जब एयर इंडिया की उड़ान AI171, जो लंदन के लिए उड़ान भर रही थी, टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद क्रैश हो गई। यह विमान, एक बोइंग 737-800, रात 8:45 बजे रनवे से उड़ा था, लेकिन उड़ान भरने के एक सेकंड बाद ही इसके फ्यूल स्विच के ऑफ होने से दोनों इंजनों में थ्रस्ट की कमी हो गई। एविएशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि का परिणाम हो सकता है। विमान हवाई अड्डे के पास एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में गिरा, जिससे 260 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान चली गई। इस भयावह हादसे में केवल एक यात्री, 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर राहुल मेहता, चमत्कारिक रूप से जीवित बचे। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है, और उन्हें अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। इस हादसे ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया, बल्कि भारतीय विमानन उद्योग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से पीड़ितों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है, साथ ही एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
जांच के शुरुआती निष्कर्षों में सामने आया कि फ्यूल स्विच के ऑफ होने का कारण पायलट की लापरवाही या कॉकपिट में सिस्टम की गड़बड़ी हो सकती है। AAIB ने ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच शुरू कर दी है, ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि बोइंग 737-800 में फ्यूल स्विच सिस्टम अत्यंत विश्वसनीय होता है, और इस तरह की घटना दुर्लभ है। कुछ जानकारों ने पुराने विमानों के रखरखाव और नियमित जांच में कमी की आशंका जताई है। इस हादसे ने एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह एयरलाइन पहले भी कई छोटे-मोटे हादसों का सामना कर चुकी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी भारतीय एयरलाइंस को अपने विमानों की सुरक्षा प्रणालियों की गहन समीक्षा करने और पायलट प्रशिक्षण को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड्डयन संगठनों से भी इस मामले में सहयोग मांगा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर तब जब उद्योग पहले से ही विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। अहमदाबाद हादसे ने यात्रियों के बीच विश्वास को कमजोर किया है, और कई लोग अब उड़ानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जहां लोग सरकार और एयरलाइंस से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। मेडिकल हॉस्टल परिसर में हुए इस हादसे ने स्थानीय समुदाय को भी प्रभावित किया है, क्योंकि वहां कई छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेजी से पूरा किया, लेकिन हादसे का दर्द लंबे समय तक बना रहेगा। सरकार ने वादा किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना विमानन उद्योग को अपनी सुरक्षा नीतियों को और मजबूत करने के लिए मजबूर कर सकती है।

