मुंगराबादशाहपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय की ओर से सिटी पब्लिक स्कूल में आयोजित नौ दिवसीय अलविदा तनाव शिविर के तीसरे दिन ज्ञान दिवस पर इंदौर से तनाव मुक्त विशेषज्ञ ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने बताया कि शरीर को चलने वाली ऊर्जा का नाम आत्मा है। आत्मा शरीर रूपी वाहन को चलने वाली चालक है। आत्मा के बिना शरीर निर्जीव हो जाती है। उन्होंने मेडिटेशन के माध्यम से लोगों को आत्मा अनुभूति कराई।
मुख्य अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह, सचिव आनंद प्रकाश त्रिपाठी, विहिप नेता विशंभर दुबे,सभासद गणेश ऊमरवैश्य,सभासद लक्ष्मीना मोदनवाल, महिला मंडल उपाध्यक्ष नीलम केशरी, सुभाष मिश्रा,मेंटर सिविल सर्विसेज रामकृष्ण मणि त्रिपाठी व कमलेश मिश्रा आदि लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुभारंभ किया।इस दौरान शाखा संचालिका अनीता दीदी समेत बहनों ने तिलक लगाकर अंगवस्त्रम पहना व ईश्वरी सौगात भेंट करते सम्मानित किया। उपस्थित लोगों ने दीदी पूनम बहन से बीच-बीच में अपने जीवन के अनुभव को साझा किया।इस दौरान तनाव मुक्त विशेषज्ञ ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने कहा कि आपका असली परिचय आपका नाम, पद या कोई अन्य पहचान नहीं है, बल्कि हम वास्तव में इस शरीर को चलने वाली चैतन्य शक्ति हूं, यही हमारी असली पहचान है। उन्होंने मेडिटेशन के द्वारा सभी को आत्मानुभूति कराई तो लोग गहन शांति के सागर में डूब गए।लोग अपने शरीर को भूल अशरीरी स्थिति का अनुभव करने लगे। कहां कि यह अभ्यास प्रतिदिन करने से हमारी आंतरिक शक्ति बढ़ती है। उन्होंने बताया कि आत्मा की तीन शाक्तियां हैं मन, बुद्धि और संस्कार,मन का काम है सोचना, बुद्धि का काम है। कहा कि शरीर विनाशी है, लेकिन आत्मा अविनाशी है।यह विभिन्न जन्मों में एन,नए शरीर धारण करती है। उन्होंने मोटिवेशनल गीतों के द्वारा लोगों को बहुत सुंदर अनुभव कराया। कार्यक्रम का संचालन राज पाल ने किया।इस अवसर पर राजकुमार जायसवाल, सोनिया ऊमरवैश्य, संगीता ऊमरवैश्य,विश्वास मित्र टंडन,सीमा ऊमरवैश्य, उमाकांत केशरी संदीप केसरी,सत्यभामा ऊमरवैश्य,बीना ऊमरवैश्य, प्रिया ऊमरवैश्य व कोमल केशरी आदि लोग मौजूद रहे।

