– ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
तेल अवीव/दुबई, 16 जून 2025: इजरायल और ईरान के बीच चल रहा सैन्य तनाव सोमवार को और गहरा गया, जब ईरान ने इजरायल के प्रमुख शहरों तेल अवीव और हाइफा पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 375 से अधिक लोग घायल हो गए। इजरायल की आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडम के अनुसार, मरने वालों में दो महिलाएं और एक पुरुष, जो लगभग 70 वर्ष के थे, शामिल हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर है, और उन्हें तेल अवीव, हाइफा और पेटाह टिकवा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमले ने कई इमारतों को क्षतिग्रस्त कर दिया, और तेल अवीव में एक विदेशी दूतावास के पास मिसाइल गिरने से मामूली नुकसान की खबर है। इजरायल की आयरन डोम हवाई रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ मिसाइलें रक्षा तंत्र को भेदने में सफल रहीं।
यह हमला इजरायल द्वारा शुक्रवार को ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में था, जिसमें ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 224 लोग मारे गए और 1,277 घायल हुए। इजरायल ने दावा किया कि उसने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने इन हमलों को “नागरिकों पर हमला” करार दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनकी जवाबी कार्रवाई “आत्मरक्षा” में थी। दोनों देशों के बीच चार दिनों से जारी इस संघर्ष ने मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। विश्व नेताओं ने जी7 बैठक में इस मुद्दे पर चिंता जताई और तनाव कम करने की अपील की।
अमेरिकी दूतावास ने तेल अवीव में मामूली नुकसान की पुष्टि की, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना देखते हैं, लेकिन “कभी-कभी उन्हें लड़ना पड़ता है।” इजरायल ने तेहरान के कुछ हिस्सों में नागरिकों को खाली करने की चेतावनी दी है, क्योंकि वह और हमले की योजना बना रहा है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह परमाणु अप्रसार संधि से हट सकता है, जिससे वैश्विक चिंता और बढ़ गई है। यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन रहा है।

