एटा। जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में सट्टे का अवैध कारोबार खुलेआम पूलिस संरक्षण में फल-फूल रहा है।
पुलिस प्रशासन और स्थानीय नेताओं के संरक्षण में यह कारोबार इस कदर गहराई तक पहुंच चुका है कि अब यह कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहा है।
इसी क्रम में जिला मुख्यालय के मौहल्ला प्रेमनगर, नन्नूमल चौराहा, भगीपुर, श्याम नगर, कटरा मोहल्ला, बनगांव, आगरा रोड और रेलवे रोड जैसे दर्जनों स्थानों पर खुलेआम सट्टा लगाया जा रहा है यह कारोबार दुकानों, हथठेलों और यहां तक कि घरों से भी बेरोकटोक जारी है।
सूत्रों के अनुसार, पूरे जिले में सट्टे से हर महीने लगभग 6 लाख रुपये के लगभग की अवैध कमाई पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। एक सट्टा संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि महिने की शुरुआत में ही थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक हिस्सा पहुंचा दिया जाता है। जो चौकी प्रभारी, कोतवाल, क्षेत्राधिकारी और एएसपी स्तर तक “महिनादारी” के हिसाब से पहुंचाया जाता है। सूचना यहां तक है कि कुछ स्थानीय नेताओं को भी इस खेल से हिस्सा जाता है।
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह के क्षेत्र में सट्टा धंधा इस कदर बढ़ गया है कि पुराने माफिया भूमिगत हो चुके हैं और अब नए चेहरे पुलिस संरक्षण में यह खुलेआम कारोबार चला रहे हैं।
यह स्थिति तब है जब सरकार अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने का दावा करती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी निजी लाभ के चलते इस काले कारोबार को खुला संरक्षण देते नजर आ रहे हैं, जिससे शासन-प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है।
आपको बताते चलें कि एटा के एक सटोरिया के घर मीडिया कर्मी ने एक युवक को भेज कर 20 रुपये का 44 नम्बर पर सट्टा लगाया गया जिसका वीडियो तथा पर्ची भी खबर में शामिल की गयी है जब मीडिया कर्मी अपना नम्बर लगवा सकता है तो पुलिस उन्हें पकड क्यों नहीं सकती?
युवा छात्र कल्याण परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण कुमार ने डीआईजी अलीगढ़ से एटा में पुलिस संरक्षण में चल रहे अवैध कारोबार करने व कराने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने कहा हम मुख्य मंत्री जी को भी एक पत्र भेज कर जनपद में चल रहे सट्टा कारोबार को बंद कराने का अनुरोध करेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन सट्टे के कारोबार पर आंख मूंदे रहेगा, या सट्टे के इस गोरखधंधे पर जल्द लगेगी लगाम?

