मोहित मौर्या (अखंड राष्ट्र)
जम्मू-कश्मीर में पहलगाम एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और रोमांच के लिए देशभर में मशहूर है। घने जंगल, हरे-भरे मैदान और बर्फ से ढके पहाड़ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम के पास बेसरन घाटी का शांत नजारा एक भयावह तस्वीर में बदल गया। पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने सैर-सपाटा करने आए गैर-मुस्लिम पर्यटकों पर बेरहमी से हमला किया। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश हिंदू थे। हमलावरों ने बेरहमी से पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिनमें से अधिकांश भारतीय थे, जबकि दो विदेशी नागरिक भी मारे गए, जिनमें एक नेपाल और दूसरा यूएई से था।
इस आतंकवादी हमले ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने शुरू में हमले की जिम्मेदारी ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस बर्बर व्यवहार का जवाब 6-7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान पर सफल हवाई हमला करके दिया, जिसका कोडनेम था “ऑपरेशन सिंदूर”।
इस ऑपरेशन से भारत को कई महत्वपूर्ण लाभ हुए।
* *आतंकवादी ठिकानों का विनाश:*
भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख अब्दुल रऊफ अजहर सहित 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
*पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी उजागर हुई:*
इस हवाई हमले में भारतीय वायुसेना ने राफेल जेट, स्कैल्प मिसाइलों और हैमर बमों का इस्तेमाल करते हुए 23 मिनट में बिना किसी नुकसान के सटीक हमला किया और आतंकवादियों को पनाह देने वाली पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को चकमा दिया। इस ऑपरेशन में 11 पाकिस्तानी एयरबेस, रडार सिस्टम, 6 फाइटर तबाह कर दिए.
*आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः*
ऑपरेशन सिंदूर ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूत किया। भारत ने साफ कर दिया कि वह सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और कहीं भी आतंकी ठिकानों को नष्ट कर सकता है।
*कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय समर्थनः*
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान और आतंकवाद पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इस संबंध में भारत सरकार ने दुनिया के अलग-अलग देशों में 7 प्रतिनिधिमंडल भेजे ताकि इस भारतीय ऑपरेशन को दुनिया के सामने “नपी-तुली, जिम्मेदाराना और गैर-उकसाने वाली” कार्रवाई के तौर पर पेश किया जा सके। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने 33 देशों में भारत का पक्ष रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को उजागर किया।
*इन सात प्रतिनिधिमंडलों ने दुनिया को पांच संदेश दिए:*
1- आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस नीति,
2- पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता है। सांसदों ने कुछ साक्ष्य लिए, जिसमें उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का हाथ था।
3- भारत एक जिम्मेदार और सहिष्णु देश है,
4- आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए,
5- पाकिस्तान के प्रति हमारी नीतिः कहा गया कि भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना बदला हुआ दृष्टिकोण स्पष्ट कर दिया है। सीमा पार से उत्पन्न होने वाले खतरे के प्रति उदासीन रहने के बजाय भारत सक्रिय दृष्टिकोण अपनाएगा और आतंकवादी हमलावरों को पहले ही बेअसर कर देगा।
*प्रतीकात्मक और सांस्कृतिक महत्वः*
इस ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” पहलगाम हमले में विधवा हुई महिलाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया था। गौरतलब है कि सिंदूर भारतीय संस्कृति में विवाहित हिंदू महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। इस दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की भागीदारी ने भारत की एकता और नारी शक्ति को दिखाया।
*स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शनः*
इस ऑपरेशन में आकाश मिसाइल सिस्टम और समर जैसे स्वदेशी हथियारों का सफल इस्तेमाल हुआ, जिसने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया। इससे भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा मिला, जो 2024-25 में 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
*पाकिस्तान पर दबावः*
ऑपरेशन के बाद, पाकिस्तान ने युद्ध विराम का अनुरोध किया, जो भारत की रणनीतिक जीत को दर्शाता है। भारत ने सिंधु जल संधि को आतंकवाद से जोड़कर पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाया।भारत ने आतंकवाद के प्रति अपने रुख को और सख्त करते हुए किसी भी आतंकवादी घटना को ‘युद्ध का कृत्य’ मानने की घोषणा की। यह एक महत्वपूर्ण कदम था जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
*राष्ट्रीय एकता और प्रोत्साहनः*
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत में राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया, विपक्षी दलों ने सरकार के उपायों के लिए समर्थन की घोषणा की। इस सफल ऑपरेशन ने भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाया और लोगों में गर्व की भावना भी पैदा की।
*चुनौतियाँ:*
ऑपरेशन सिंदूर ने जहाँ पाकिस्तान को बेनकाब किया, वहीं इसने चीन और तुर्की जैसे सहयोगियों से भविष्य की चुनौतियों को भी उजागर किया, जिन्होंने पाकिस्तान को हथियार और ड्रोन मुहैया कराए।
“ऑपरेशन सिंदूर” ने भारत को सैन्य, कूटनीतिक और प्रतीकात्मक रूप से मजबूत किया। इसने आतंकवाद के खिलाफ भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति को स्थापित किया, पाकिस्तान की कमजोरियों को उजागर किया और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत किया। साथ ही, यह भविष्य में अधिक आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।

