उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा 2025 के लिए सख्त नियम लागू किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदेश दिया कि बिना नाम और रजिस्ट्रेशन के चलने वाली दुकानें, ढाबे और रेहड़ियाँ बंद होंगी। नियम तोड़ने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और खाद्य स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया। हर साल लाखों कांवड़िए हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य तीर्थ स्थलों पर गंगा जल लेने पहुँचते हैं। सरकार ने खाद्य गुणवत्ता की जाँच के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, शौचालय और पानी की व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक प्रबंधन के लिए हाईवे पर विशेष व्यवस्था की है। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक पर प्रतिबंध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नियम व्यवसाय को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन सरकार का जोर श्रद्धालुओं की सुविधा पर है। यह यात्रा 15 जुलाई तक चलेगी।

