देर रात पशुबंदी अभियान के दौरान बवाल, सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त, नगर निगम कर्मियों पर हुआ था हमला
वाराणसी: श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे कैटल कैचिंग (पशुबंदी) अभियान के तहत 4 जुलाई शुक्रवार की रात करीब 11:30 बजे सोनिया पोखरा क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पशुबंदी टीम जैसे ही छुट्टा पशुओं को पकड़ने पहुंची, कुछ आवारा पशुओं को पकड़ी ही थी कि उनका स्थानीय लोगों के साथ तीखी झड़प हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। नगर निगम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने अभियान दल पर पत्थरबाज़ी कर दी, जिससे सरकारी वाहन (संख्या: यूपी 65 एचटी 4993) के आगे और पीछे के शीशे चकनाचूर हो गए। ड्राइवर राजेश वर्मा घायल हो गए, वहीं नगर निगम के कर्मचारी सुनील कुमार, उदय शंकर और विकास सोनकर से मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई थी। पशु चिकित्साधिकारी ने ‘पूर्वांचल राज्य’ से बातचीत में बताया कि मामले में स्थानीय निवासी गोरख यादव और पवन यादव सहित कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका है। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ कैद हुई हैं, जिनकी जांच जारी है।उधर, स्थानीय लोगों का पक्ष अलग है। उनका कहना है कि यह अभियान बहुत देर रात्रि को शुरू किया गया, जहां पर कुछ अज्ञात लोगों ने पशुबंदी टीम के साथ अभद्रता की। उसमें कौन लोग शामिल हैं ? किसने मारा-पीटा? इसकी कोई जानकारी नहीं है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही संभव है।फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जारी है। विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि पूछताछ के नाम पर कई लोगों को चौकी बुलाया गया और दलालों की मदद से वसूली भी की गई दिनांक 25 जुलाई पीड़ित द्वारा अपना नाम ना बताने और अखबार में ना छापने की सहमति से कहा कि मेरा कोई लेना-देना नहीं था फिर भी मुझे चौकी पर धमकाकर ,डरा कर हजारों रुपए वसूल लिए गए ! यह कोई नया मामला नहीं है जांच के नाम पर पैसे की वसूली वर्दी वालों की नियम कानून में धीरे-धीरे कर सम्मिलित होता जा रहा है ! कानून का पाठ पढ़ने वाले यह भूल गए की कानून में वसूली का कोई प्रावधान नहीं है आप लोगों की सुरक्षा संरक्षण और मदद के लिए कार्य करते हैं जबकि आज लोग इनकी करनी से इनसे दूर ही रहना चाहते हैं !

