आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल के नोबेल पुरस्कार की उम्मीदवारी के दावे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा तंज कसा है। बीजेपी ने कहा कि केजरीवाल को “भ्रष्टाचार और अक्षमता” के लिए नोबेल मिलना चाहिए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब केजरीवाल ने एक बयान में कहा कि उनकी सरकार की शिक्षा और स्वास्थ्य सुधारों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है। बीजेपी ने इस दावे को हास्यास्पद बताते हुए दिल्ली में बुनियादी ढांचे, प्रदूषण, और कथित शराब घोटाले जैसे मुद्दों पर आप सरकार को घेरा। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि केजरीवाल का यह बयान उनकी हताशा को दर्शाता है। दूसरी ओर, आप ने जवाब में कहा कि बीजेपी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। दिल्ली में दोनों दलों के बीच यह तकरार राजनीतिक माहौल को और गरमा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। केजरीवाल के समर्थकों ने उनके सुधारों, जैसे मुफ्त बिजली और पानी, का बचाव किया है। यह बहस दिल्ली की राजनीति में ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकती है, खासकर जब आप और बीजेपी दोनों ही मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में हैं।

