7 जुलाई 2025 को, क्वांटास एयरलाइंस ने खुलासा किया कि एक साइबर हमले में लगभग 60 लाख ग्राहकों का डेटा चोरी हुआ। एबीसी न्यूज के अनुसार, हमले के कुछ ही दिनों बाद एयरलाइन को एक “संभावित साइबर अपराधी” द्वारा संपर्क किया गया। क्वांटास ने ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस से संपर्क किया और इस संपर्क की प्रामाणिकता की जांच शुरू की। यह हमला ग्राहकों के व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाता है। इसके अलावा, भारत में साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। उदाहरण के लिए, विशाखापत्तनम में एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को शेयर निवेश घोटाले में 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने इस जटिल मामले को सुलझाया। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने 2025 तक 1.2 लाख करोड़ रुपये की साइबर ठगी की आशंका जताई है, जो पिछले छह वर्षों में 42 गुना वृद्धि दर्शाती है। यह वैश्विक और स्थानीय स्तर पर साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

