By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: ‘गाँव और शहर का अंतर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > साहित्य > ‘गाँव और शहर का अंतर
साहित्य

‘गाँव और शहर का अंतर

Akhand Rashtra
Last updated: September 25, 2023 2:44 pm
Akhand Rashtra
2 years ago
Share
SHARE

किशोर कुमार कौशल

गाँव के एक छोटे बच्चों ने
अपने बाबा से पूछा-बाबा,
गांँव और शहर में क्या अंतर है?
बाबा बोले-बेटा,
तुम्हारा प्रश्न है बड़ा टेढ़ा
फिर भी बताता हूँ-
जहांँ बड़े सवेरे चिड़ियाँ चहचहाती हैं
जहाँ गाय-भैंसें तालाब में नहाती हैं
जहांँ सावन लगते ही झूले पड़ जाते हैं
बालाओं के गीत मन में गड़ जाते हैं
जहांँ अब भी सुबह-शाम
होती है राम-राम
जहांँ लोग कष्टों में,अभाव में जीते हैं
रूखी-सूखी प्रेम से खा
मस्त हो जीते हैं
जहांँ बच्चे खेलते हैं
नंगे बदन,नंगे पांँव
जहांँ पथिकों के लिए
पीपल की छांँव है
मेरे बच्चे,वह गांँव है

और जहांँ
सूरज निकलने से पहले वाहनों की चीख-पुकार
गाड़ियों की गड़गड़ाहट
राशन की लंबी कतार
जहांँ कदम-कदम पर होती दुर्घटना है
वह क्या दिल्ली,क्या मुंबई, क्या पटना है
जहांँ आदमी को मरता देख लोग मुंँह फेर लेते हैं
पड़ोसी भूखा हो तो
अपना परदा गेर लेते हैं
जहांँ आग है,बिजली है,धुआँ है,ग़म है
जहांँ भागमभाग,बेचैनी अधिक
फु़रसत कम है
जहांँ मिनट है,घंटा है,घड़ी है,पहर है
मेरे बच्चे,वहांँ शहर है
यहाँ कुआँ है,वहाँ धुआँ है
यहाँ मोर है,वहाँ शोर है
यहांँ राग है,वहाँ आग है
यहांँ काम है,वहाँ नाम है
गांँव-गांँव होता है
गांँव ठाँव होता है
गांँव छाँव होता है
शहर शहर होता है
शहर कहर होता है
शहर जहर होता है
गांँव गांँव होता है
शहर शहर होता है।

ज़िंदगीनामा…….!
मैं कोई अजर-अमर हूँ थोड़े…!
*प्रेम से…जी-भर के…..!*
बचपन जो कभी लौटकर नहीं आता…….
गुलाल लगाकर प्यार के इजहार का दिन – होली
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article बप्पा का दर्शन करने आरडी सिंह के घर पहुंचे विधायक अमित साटम
Next Article भायंदर की रामलीला को लेकर दर्शकों में उत्साह
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up