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गांव में आलीशान मकान, जमीन से गहरे लगाव की पहचान

Akhand Rashtra
Last updated: December 13, 2023 10:18 am
Akhand Rashtra
2 years ago
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गांव में आलीशान मकान, जमीन से गहरे लगाव की पहचान
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ज्ञान प्रकाश सिंह का “कैलाशपति” बना आकर्षण का केंद्र

जौनपुर। आमतौर पर लोग शहरों में आलीशान मकान बनवाते हैं,परंतु जब गांव की बात होती है तो यह कहकर मुंह बिचका लेते हैं कि गांव में महंगे मकान का क्या औचित्य ? साल में एक दो बार जाना है। ऐसे में करोड़ों रुपए खर्च करने से क्या फायदा? छोटा सा मकान ही काफी है। पिछले दिनों मुझे मुंबई के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह के पैतृक गांव गोधना में उनके द्वारा निर्मित आलीशान घर “कैलाशपति“ के गृह प्रवेश में जाने का अवसर मिला। जनपद मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूरी पर बनाए गए शानदार घर को देखकर हर कोई अवाक रह गया। राजा महाराजा के जमाने के बने हुए किसी महल से कहीं अधिक भव्य और शानदार। जिले के साथ-साथ मुंबई तक के सभी बड़े चेहरे वहां उपस्थित मिले। लोग अलग-अलग तरीकों से घर का मूल्यांकन कर रहे थे। ज्ञान प्रकाश सिंह और उनके दोनों बेटे आने वाले हर लोगों से विनम्रता पूर्वक मिल रहे थे। घर में घुसते ही लगा कि जैसे हम मुंबई के ताज होटल के भीतर आ गए हो। हर चीज व्यवस्थित तरीके से सजी हुई दिखाई दे रही थी। घर के कोने-कोने में लोग सेल्फी और तस्वीरें खिंचवा रहे थे। गेस्ट रूम, कॉन्फ्रेंस रूम, सब कुछ अपने आप में अद्वितीय नजर आ रहा था। जौनपुर क्या, पूरे पूर्वांचल में शायद ही किसी का इस तरह का आलीशान और भव्य घर हो। सामने सुंदर लॉन चार चांद लगा रहा था। देखा जाए तो अपनी जन्मभूमि पर इतना बड़ा आलीशान घर बनाकर ज्ञान प्रकाश सिंह ने एक बहुत बड़ा सामाजिक संदेश दिया। आदमी कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाए परंतु उसे अपनी जड़ों को याद रखना चाहिए। वृक्ष कितना भी बड़ा क्यों ना हो परंतु यदि उसकी जड़े जमीन से नहीं जुड़ी हैं तो उसमें फल नहीं लग सकता। जो लोग ज्ञान प्रकाश सिंह को करीब से जानते हैं, उन्हें अच्छी तरह से मालूम है कि वे अपनी जन्मभूमि के प्रति कितना लगाव रखते हैं। पूरे देश में ज्ञान प्रकाश सिंह का एक बड़ा नाम है। राम मंदिर निर्माण में 1 करोड 21 लाख 11 हजार 111 रुपए का योगदान करने की बात हो, जनपद में खिलाड़ियों के लिए सुविधा देने की बात हो, धार्मिक स्थानों पर रचनात्मक कार्य करने की बात हो, धार्मिक आयोजनों की बात हो, ज्ञान प्रकाश सिंह हमेशा पहली पंक्ति में खड़े रहे। जहां तक राजनीति का सवाल है, वे 1992 से भारतीय जनता पार्टी के सिपाही के रूप में लगातार सक्रिय होकर चुपचाप अपना काम कर रहे हैं। जौनपुर की जनता भी उनके द्वारा किए गए अच्छे कामों को देखते हुए उन्हें अपना सांसद बनाना चाहती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि यदि पार्टी ने उन्हें अवसर दिया तो वे अब तक के सबसे ज्यादा लोकप्रिय और काम करनेवाले सांसद साबित होंगे।

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