नारी और कलश दोनों शक्ति का प्रतीक
खुटहन (जौनपुर) 4 मई बीरी समसुद्दीनपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रारंभ से पूर्व रविवार को गाजे बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। 108 कन्याओं ने कलश में पवित्र जल भरकर उसे सिर पर रख गांव के डीह स्थान से होकर शंकर भगवान होते हुए मां दुर्गा मंदिर तक गाजे बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। कथा स्थल से निकली कलश यात्रा का समापन इसी स्थल पर किया गया।

कलश पूजन कथा वाचक पंडित श्री विमलेश पांडेय जी ने वैदिक मंत्रोच्चार से कराया। मुख्य यजमान सरजू देवी पत्नी जनार्दन पांडेय एवं राधिका पाण्डेय पत्नी अमरनाथ पाण्डेय दम्पति द्वय ने विधिवत पूजन अर्चना किया। श्री महराज जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलश और नारी दोनों शक्ति का प्रतीक हैं। जब दोनों शक्तियां एक साथ एकाकार होकर दर्शन देती है तो उसका कई तीर्थों के बराबर फल होता है। यह यात्रा इस लिए निकाली जाती है कि वृद्ध, बीमार और आशक्त गण जो इसमें शामिल नहीं हो सकते वे घर बैठे दोनों शक्तियों का दर्शन कर पूण्य अर्जित कर सके। इसके अलावा कलश यात्रा से हमें किसी महान धार्मिक आयोजन की जानकारी भी पूर्व में मिल जाती है। यात्रा में धर्मदेव पाण्डेय, सतीश , राकेश, अंकित,अभिषेक, सौरभ ,मालती देवी,सुमन, रागिनी, श्रद्धा ,जूली, श्रेया,प्रज्ञा आदि सम्मिलित रहे।

