विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 15 जुलाई 2025 को चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल का हमला जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक विभाजन पैदा करने की साजिश थी। जयशंकर ने SCO सदस्य देशों से आतंकवाद, उग्रवाद, और अलगाववाद के खिलाफ संगठन के मूल उद्देश्यों के प्रति अडिग प्रतिबद्धता की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त और बिना समझौता वाला रुख अपनाना जरूरी है। इस बैठक में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। जयशंकर ने सदस्य देशों से हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि SCO को क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए। यह बैठक अगस्त में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन की राजनीतिक तैयारियों के लिए थी। जयशंकर ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। भारत की यह कूटनीतिक पहल आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

