प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जून 2025 को जी7 समिट में शामिल होने के लिए इटली रवाना हुए, जिसके लिए कनाडा के प्रधानमंत्री ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन कर न्योता दिया था। यह समिट भारत के लिए वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने का एक अवसर है, विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद। मोदी के इस दौरे का उद्देश्य भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और आर्थिक विकास की रणनीति को विश्व नेताओं के सामने रखना है।
विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस ने इस दौरे पर सवाल उठाए हैं, यह पूछते हुए कि क्या सरकार ने संसद में हाल के सैन्य अभियानों के प्रभाव पर चर्चा की योजना बनाई है। शशि थरूर, जो हाल ही में ब्राजील में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं, ने कहा कि सरकार को वैश्विक समुदाय के साथ पारदर्शी संवाद करना चाहिए। इस बीच, बीजेपी ने दावा किया कि मोदी का दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रतीक है।

