*जौनपुर:* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर योजना जिसके तहत घरों में सोलर सिस्टम लगाकर उपभोक्ताओं को नब्बे फ़ीसदी तक विद्युत बिल कम करने लक्ष्य है, जौनपुर जनपद में बिजली विभाग की लापरवाही और मनमानी के कारण प्रभावित हो रही है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि सोलर सिस्टम लगवाने के बावजूद उनके बिजली बिलों में कोई राहत नहीं मिल रही। उलटे, विभाग मनमाने ढंग से उनका विद्युत लोड बढ़ा रहा है और बिल में सोलर उत्पादन की यूनिटों को समुचित रूप से नहीं जोड़ रहा है।
शहाबुद्दीनपुर निवासी *संजय कुमार श्रीवास्तव* ने बताया कि उन्होंने 17 जनवरी 2025 को सोलर सिस्टम और नेट मीटर लगवाया था। 18 मई की मीटर रीडिंग में उनके यहां *1255 यूनिट उत्पादन* और *1029 यूनिट खपत* दर्ज हुई, यानी उत्पादन खपत से अधिक था। इसके बावजूद उन्हें *पांच हजार रुपए से ज्यादा का बिल थमा दिया गया।*
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने उनकी अधिकतम खपत 3.5 किलोवाट होने के बावजूद, उनका विद्युत लोड *4 किलोवाट से बढ़ाकर 5 किलोवाट कर दिया।* इस मामले की शिकायत उन्होंने *मुख्यमंत्री पोर्टल* और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जौनपुर में योजना का लक्ष्य इस वर्ष छै हज़ार घरों तक सोलर सिस्टम पहुंचाना है, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग की मनमानी और अपारदर्शी कार्यप्रणाली के चलते यह लक्ष्य अधर में लटक गया है।
लोगों की मांग है कि विभाग पारदर्शिता से काम करे, उपभोक्ताओं के बिजली लोड का सही मूल्यांकन किया जाए और सोलर से उत्पन्न यूनिटों को बिल में ईमानदारी से समायोजित किया जाए।
लगातार बढ़ती शिकायतें यह संकेत दे रही हैं कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह महत्वाकांक्षी योजना अपनी साख खो देगी और प्रधानमंत्री की मंशा को पलीता लग जाएगा।

