धनबाद जिले के सीजुआ वार्ड संख्या 6 के टाटा भेलाटांड़ बस्ती स्थित हरिजन टोला और कसियाटांड़ टोला में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बुधवार को नौ नए मरीजों के मिलने से ग्रामीणों में दहशत और चिंता का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल टीम भेजकर जांच और उपचार की व्यवस्था शुरू कर दी है।
गंभीर रूप से बीमार मरीजों को टाटा सेंट्रल हॉस्पिटल, जामाडोबा में भर्ती कराया गया है। इनमें हरिजन टोला के मानिक कालिंदी (17), रुपाली कुमारी (17), सोम कालिंदी (12) और जीरा देवी (50) शामिल हैं। वहीं संदीप कालिंदी (19) को फीडर हॉस्पिटल भेलाटांड़ में भर्ती किया गया है। इसके अलावा सुंदरी देवी (32), विशाल कालिंदी (14), नागेश्वर कालिंदी (2) और कसियाटांड़ के अल्लाउद्दीन अंसारी (26) का निजी स्तर पर इलाज चल रहा है।
मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि की सूचना मिलते ही धनबाद जिला स्वास्थ्य विभाग और टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) की टीम हरकत में आ गई। टीएसएफ के चिकित्सक डॉ. विवेकानंद पात्रा और डॉ. नितिश नंदी की अगुवाई में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच की गई और दवाइयां वितरित की गईं।
एएनएम कालावती देवी के नेतृत्व में जन-जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें ग्रामीणों से उबला हुआ पानी पीने, सफाई बनाए रखने और दूषित जल स्रोतों से बचने की अपील की गई।
फिलहाल टीएसएफ की ओर से टैंकर के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी में जुटी है। पूर्व में बीमार हुए मरीज लक्ष्मी देवी, रोहन महतो और पीयूष कुमार को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा जा चुका है।
सीएचओ कलामुद्दीन ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा — “गांव में स्वच्छता और उबला पानी पीने की आदत ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।”
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थायी जलापूर्ति और नालों की सफाई की व्यवस्था की जाए, ताकि डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

