अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 जुलाई 2025 को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत तेजी से चल रही है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी। ट्रम्प ने यह भी बताया कि उन्होंने इंडोनेशिया पर 19% टैरिफ लगाया है, हालांकि भारत के साथ समझौते का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देश एक “विन-विन” समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसका पहला चरण शरद ऋतु तक पूरा हो सकता है। भारत इस समझौते में सावधानी बरत रहा है, क्योंकि ट्रम्प प्रशासन की व्यापार नीतियां टैरिफ और प्रतिबंधों पर आधारित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के वैश्विक क्षमता केंद्रों को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, GTRI जैसे थिंक टैंक ने चेतावनी दी है कि भारत को ट्रम्प की नीतियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। यह समझौता भारत की निर्यात नीति और आर्थिक रणनीति को प्रभावित कर सकता है। दोनों देशों के बीच यह कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग भारत के लिए नए अवसर खोल सकता है, लेकिन विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

