जौनपुरl । जनपद में जिस पुलिस कर्मियों जिम्मेदारी रक्षा सुरक्षा होती है वहीं पुलिस गंभीरता पूर्वक कर्तव्य निभाने की जगह कोरम पूरा करते हुए किसी भी तरह से मामले को निबटा कर पुलिस कर्मी अपने निज स्वार्थ के कार्य में जूझते रहते हैं ।जैसे जमीनी विवाद, पेड़ों की कटान, जुवा के अड्डे, गांजा बिक्री केन्द्र आदि उसे ही यहां की पुलिस अपना कर्तव्य मानकर खुद की जेब गर्म करने में व्यस्त हैl यह आलम सिर्फ जौनपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के जिलों में समांतर देखने को मिल जाएगीl ऐसी ही पुलिस के लिए दशकों पूर्व कवि चकाचक बनारसी ने लिखा था-
पटक के मारा जे कहे पन्द्रह अगस्त हौl चकला चलावे के होखे त पुलिसन के साट ला, चोरी करावे के होखे त पुलिसन के साट ला, एही बदे एनहन क रतिये में गश्त हौl पटक के मारा जे कहे पंद्रह अगस्त हौ l
“ये कुछ पंक्तियां पुलिस की वर्तमान कार्यशैली पर आज भी फिट बैठती हैं l
गौर तलब हो कि पुलिस मुख्यालय से 5 मिनट की दूरी पर
लखनऊ- वाराणसी मार्ग पर मातापुर में अपना दल के दिवंगत नेता रविंद्र सिंह पटेल के घर का ताला तोड़कर 12 लाख के जेवर और नकदी चोरी हुई, पुलिस अभी तक रेकी करने के दिखावे में लगीlचोरी की यह भीषण घटना बीते छह मार्च की रात हुई है उस घर के मुखिया अपना दल नेता रविंद्र सिंह पटेल कोरोना काल में दम तोड़ दिये थे, उनके बुजुर्ग पिता शारदा प्रसाद विधवा बहू, दो नाबालिग पोता पोती के साथ रहते हैं l एक व्याहता पोती भी उस दौरान आई हुई थी, उसकी विदाई के लिए पचास हजार रुपये और उसके जेवर भी घर में रखे थे l छह मार्च की रात एक बजे चोरों ने मेन गेट समेत अन्य ताले चटकाकर पोती के जेवर के अलावा 100 ग्राम सोने और दो सौ ग्राम चांदी के जेवर और 50 हजार नकदी पार कर दिया l
बुजुर्ग शारदा प्रसाद सपरिवार रिश्ते के एक शादी सामरोह में गए थे l सुबह आये तो उनके पांव तले जमीन खिसक चुकी थीl सूचना पर पहुंची लाइन बाजार पुलिस ने
*कथित जांच के बाद पीड़ित बुजुर्ग से ही पूछा किसी चोर का नाम बताइए?*
क्योंकि चोरी मातापुर गांव में से ही कोई नजदीकी ने की है, ऐसा ही प्रतीत हो रहा हैl क्योंकि यहां तमाम दुकानें होने से रोड लाइट के आलावा अन्य लाइटें भी लगी हैंl बुजुर्ग ने कहा हम थे ही नहीं तो किसे बताएं? खोजी कुत्ते को लगाइए तो पता लग सकता है l
पुलिस में सिपाहियों के अलावा थानेदार, एसपी तक ने कहा तलाश जारी है, सर्राफा दुकानों पर ताकीद कर दी है कि कोई बेचने आये तो बताना, मुखबिर लगे हैं रेकी में, फ़िर भी ढाई माह गुजर गए lइस घटना स्थल पर एक और दिलचस्प कहानी चल रही है l चोरी वाले घर से 10 मीटर दूरी पर कथित तौर पर एक सिपाही ने अवैध कमरा बनाकर उसमें पान और भांग की दुकान खुलवाई है लेकिन यहां धड़ल्ले से गांजा खूब बिक रहा हैl दूसरी ओर भीषण चोरी के मामले का आज तक कोई खुलासा नहीं हुआ पीड़ित बुजुर्ग का परिवार सदमे के साथ अभी तक पुलिस से उम्मीद लगाए हुए हैl

