तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिंदी भाषा को लेकर विवाद गहरा गया है। 21 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर शिक्षा में राजनीति करने का आरोप लगाया। स्टालिन ने कहा कि हिंदी थोपना एक विविध देश को एकल भाषा में बदलने की कोशिश है।
प्रधान ने स्टालिन से राजनीति से ऊपर उठने को कहा, लेकिन स्टालिन ने जवाब दिया कि केंद्र की त्रिभाषा नीति और फंडिंग की शर्तें राजनीतिक ब्लैकमेल हैं। यह विवाद दक्षिण भारत में भाषाई अस्मिता के मुद्दे को फिर से उजागर करता है।

