धनबाद। बोकारो के बाद अब धनबाद में भी डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि पहले से बनी और ठीक-ठाक हालत में मौजूद सड़कों को दोबारा बनाने के लिए करीब 3 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था।
आरईओ द्वारा तैयार किए गए 13 सड़कों के प्रस्ताव में तीन सड़कें ऐसी पाई गईं, जिन पर पहले से ही पीसीसी सड़क बनी हुई थी। हैरानी की बात यह है कि इन प्रस्तावों को स्वीकृति भी मिल गई थी, लेकिन उपायुक्त आदित्य रंजन ने अचानक जांच कराई तो खेल उजागर हुआ। इसके बाद तीनों प्रस्ताव रद्द कर दिए गए और आरईओ के कार्यपालक अभियंता को शोकाज नोटिस जारी किया गया।
कहां-कहां मिली गड़बड़ी
• गोविंदपुर (जंगलपुर पंचायत): भीम पांडे से सोमरा मांझी के आवास तक पहले से बनी पीसीसी सड़क को फिर से बनाने का प्रस्ताव।
• कलियासोल (पंचेत): कुर्बान घाट से जीरो प्वाइंट बांदा ग्राम डैम साइट तक की बनी सड़क को दोबारा बनाने की कोशिश।
• निरसा (चरघरा पंचायत): नहर किनारे पहले से मौजूद सड़क के समानांतर दूसरी सड़क बनाने का प्रस्ताव, जिसकी कोई उपयोगिता नहीं थी।
डीसी ने लगाई रोक
“आरईओ ने पहले से बनी सड़कों को ही दोबारा बनाने का प्रस्ताव डीएमएफटी फंड से भेजा था। जांच में यह पकड़ा गया। 13 में से तीन सड़कों को रद्द कर दिया गया है और कार्यपालक अभियंता को शोकाज नोटिस जारी किया गया है।”
– आदित्य रंजन, डीसी, धनबाद
डीसी आदित्य रंजन ने बताया कि 13 प्रस्तावों की जांच में तीन सड़कें पूरी तरह सही हालत में मिलीं। उन्होंने कहा कि अब बिना यूटिलिटी सर्टिफिकेट के कोई भी सड़क योजना पास नहीं होगी। इसमें स्पष्ट रूप से बताना होगा कि सड़क से कितनी आबादी और कौन-कौन से गांव/संस्थान लाभान्वित होंगे।

