राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष नर्मल चौधरी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। 21 जून 2025 को जयपुर पुलिस ने उन्हें और कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया को राजस्थान विश्वविद्यविद्यालय के परीक्षा केंद्र से हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि 2022 में चौधरी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। डीसीपी ईस्ट तेजस्विनी गौतम ने कहा, “पुलिस को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी।
चौधरी की गिरफ्तारी ने उनके समर्थकों में आक्रोश पैदा किया, लेकिन उनके आलोचक इसे कानून का पालन बताते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर चौधरी निर्दोष थे, तो 2022 के मामले में उन्होंने कोर्ट से राहत क्यों नहीं मांगी? एक एक्स पोस्ट में कहा गया, “तीन साल से क्या सो रहे थे? कांग्रेस सरकार में मामला दबाने की कोशिश क्यों नहीं की?
इसके अलावा, 17 जून 2025 को डॉक्टर राकेश बिश्नोई की मौत के विरोध प्रदर्शन के दौरान चौधरी का एसीपी आदित्य पूनिया से तीखा टकराव हुआ। वीडियो में दोनों के बीच गहमागहमी देखी गई, जिसे आलोचकों ने चौधरी की आक्रामकता का सबूत बताया। कुछ लोग उनकी लग्जरी डिफेंडर कार खरीदने को लेकर भी सवाल उठाते हैं, कहते हैं कि यह “छात्र नेता की छवि से मेल नहीं खाता।
चौधरी के आलोचक उन्हें तानाशाही रवैया अपनाने और प्रशासन के खिलाफ बगावत भड़काने का आरोप लगाते हैं। एक एक्स पोस्ट में कहा गया, “प्रशासन को चुनौती देकर उग्र आंदोलन की धमकी देना गलत है।” हालांकि चौधरी का दावा है कि वे युवाओं की आवाज उठाते हैं, लेकिन उनके खिलाफ बढ़ते विवाद उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।

