“जैसे अंधेरे से अंधेरा दूर नहीं किया जा सकता, वैसे ही नशे से परेशानियों का समाधान नहीं हो सकता।” – श्री एम.के. सिंह, डीआईजी, सीआरपीएफ
“नशा मुक्ति अभियान को बस्तियों, गांवों, और घर-घर तक ले जाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” – श्री राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ
“नशा मुक्त समाज का निर्माण एनएसएस स्वयंसेवकों का मुख्य ध्येय होना चाहिए।” – प्रो. आर.पी. दुबे, कुलपति, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा मानविकी एवं उदार कला संकाय, पहल नशा मुक्ति केंद्र, और यूथ फॉर सेवा भोपाल चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान की द्वितीय श्रृंखला के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में निबंध लेखन, भाषण, पोस्टर मेकिंग, और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने भाषण के माध्यम से नशे के विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किए, जबकि रंगोली और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने रंगों के माध्यम से नशे से दूर रहने का आकर्षक संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीआरपीएफ के डीआईजी श्री एम.के. सिंह, सारस्वत अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) श्री राजेश सिंह भदौरिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन के अवर सचिव श्री एम.के. राजोरिया, और प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव श्री अजय प्रताप सिंह उपस्थित रहे।

श्री एम.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कई लोग मानते हैं कि जीवन की परेशानियों को नशे से कम किया जा सकता है, लेकिन यह गलत धारणा है। उन्होंने कहा, “जैसे अंधेरे से अंधेरा दूर नहीं हो सकता, वैसे ही नशे से दुख और परेशानियाँ हल नहीं होतीं।” उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मकता अपनाने, महापुरुषों से प्रेरणा लेने, और देशभक्ति व समाज सुधार का ‘नशा’ करने की सलाह दी।
श्री राजेश सिंह भदौरिया ने जोर देकर कहा कि नशा मुक्ति अभियान को केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए। एनएसएस स्वयंसेवकों को इसे गांव-गांव, बस्ती-बस्ती, और घर-घर तक ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज नशे की गिरफ्त से मुक्त हो सकता है।
श्री एम.के. राजोरिया ने बताया कि नशा मुक्ति अभियान तभी सफल होगा जब समाज और सरकार मिलकर काम करें। दोनों के सहयोग से यह अभियान प्रभावी बन सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आर.पी. दुबे ने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब के संयुक्त सचिव श्री अजय प्रताप सिंह, यूथ फॉर सेवा के श्री अतर साहू, और पहल नशा मुक्ति केंद्र के श्री पंकज चौहान ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उद्बोधन के पश्चात विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थी रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर, आनंद विहार कन्या महाविद्यालय, भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, एसआरके विश्वविद्यालय, और नूतन महाविद्यालय से थे।
कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम अधिकारी श्री गब्बर सिंह और साइकोलॉजिस्ट डॉ. कंचन माथनकर ने किया। संचालन जिया सिंह ने किया, और आभार प्रदर्शन डॉ. प्रीति शर्मा ने किया। कार्यक्रम की सफलता में स्वयंसेवक मधु चौहान, रिपांशु कुमार, राखी कुलस्ते, ज्योति कुमारी, आदर्श राज, पलक अहिरवार, नीलेश मांझी, और अन्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

