पटना में 27 मई 2025 को कोविड-19 के छह नए मामले सामने आए, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एम्स पटना में एक महिला डॉक्टर, एक नर्स, और एक कर्मचारी सहित तीन लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा, एनएमसीएच में भी दो मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नया वेरिएंट JN.1 तेजी से फैल रहा है, और ठंड का मौसम इसके प्रसार को बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को टेस्टिंग और ट्रेसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बिहार सरकार ने मास्क अनिवार्य करने और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
जनता में दहशत का माहौल है, क्योंकि कोविड-19 की पिछली लहरों ने भारी नुकसान पहुंचाया था। विशेषज्ञों ने टीकाकरण, खासकर बूस्टर डोज, को बढ़ावा देने की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट कराएं और सामाजिक दूरी का पालन करें।

