मुम्बई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर
शनिवार ,16अगस्त 2025 को प्रेस क्लब में मुम्बई भाषा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राजेश झा द्वारा लिखित पुस्तक ‘ नोट बदली से नोट बंदी ‘ का विमोचन एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग प्रमुख डॉ. संजय फड, एंबिट एसेट मैनेजमेंट के प्रबंध निदेशक व संचालक श्री सिद्धार्थ रस्तोगी, लेखक अशोक मोटवानी, सेंट जेवियर्स कॉलेज की अर्थशास्त्र विभाग प्रमुख डॉ. अपर्णा कुलकर्णी, पत्रकार श्री हरीश पाठक , वरिष्ठ लेखक डॉ.रमाकांत शर्मा तथा आर के पब्लिकेशन के निदेशक श्री रामकुमार के हाथों सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर लेखक ने कहा कि अखंड भारत एक सांस्कृतिक एवं आर्थिक अवधारणा है और उसकी स्थापना की नींव है नोटबंदी। श्री सिद्धार्थ रस्तोगी ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि मोदी सरकार ने आर्थिक सुधारों में एक कदम नोटबंदी का भी उठाया, जिसके सुखद परिणाम आने लगे हैं और आनेवाले एक सौ से अधिक वर्षों तक वह देश एवं विदेश की आर्थिक गतिविधियों को सकारात्मकता के साथ प्रभावित करेगा। डॉ. रमाकांत शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नोटबंदी से भारत के आर्थिक शक्ति बढ़ने का आंकड़ों के साथ उदाहरण देते हुए राजेश झा द्वारा लिखी पुस्तक ‘ नोटबदली से नोटबंदी ‘ को महत्वपूर्ण पुस्तक बताया। सेंट जेवियर्स महाविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ अर्पणा कुलकर्णी ने ‘नोट बदली से नोटबंदी ‘ पुस्तक को अर्थ जगत की आवश्यक पुस्तक बताते हुए कहा कि नीति निर्माताओं तथा योजनाकारों के साथ साथ यह पुस्तक उन सभी की जिज्ञासाओं को पूरा करती है जिनकी आर्थिक विषयों में किंचित मात्र भी रुचि हो।श्री हरीश पाठक ने अपने संपादकीय में ट्रेनी से समर्थ पत्रकार बने राजेश झा के पत्रकारीय जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि हर संपादक को राजेश झा जैसे समर्पित एवं अथक सहयोगी की आवश्यकता होती है। अशोक मोटवानी ने पुस्तक को सभी के लिए उपयोगी बताया।समारोह अध्यक्ष डॉ संजय फड ने लेखक द्वारा सभी जरूरी विषयों को पत्रकारीय दृष्टि से उभारने तथा उल्लेखित करने के लिए उनको बधाई दी ।
प्रसिद्ध पत्रकार विवेक अग्रवाल ने कार्यक्रम का संचालन और आयोजक रामकुमार ने लेखक का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। विश्व संवाद केंद्र मुंबई के प्रमुख श्री निशीथ भंडारकर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर विशाल सिंह, डॉ प्रमिला शर्मा, द्विजेंद्र तिवारी,डॉ रीता दास राम, महेंद्र राय, पंकज पाठक,इंद्रजीत पाल, त्रिलोचन सिंह अरोरा, अरुण प्रकाश मिश्र, रमेश यादव, जगदीश पुरोहित सहित साहित्य तथा पत्रकारिता जगत के प्रमुख लोग उपस्थित थे।

