मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपए, दोषी पुलिस कर्मियों पर हो कार्रवाई
हिमांशु श्रीवास्तव
जौनपुर। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह की जहर देकर हत्या के मामले का बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश में भी संज्ञान लिया है।बार कौंसिल ऑफ़ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा कि अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को आरोपियों द्वारा मारपीट कर जबरन जहर पिलाकर हत्या कर दी गई।मृतक द्वारा बार-बार स्थानीय पुलिस से संपर्क के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने पर मनोज कुमार को अपने प्राण गंवाने पड़े। घटना से प्रदेश के अधिवक्ता अत्यंत क्षुब्ध व आक्रोशित हैं। मुख्यमंत्री से मांग किया कि आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी हो।उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई हो।मृत अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपए क्षतिपूर्ति का भुगतान व दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की गई। अधिवक्ता मनोज के निधन की सूचना पर उनके अंतिम दर्शन एवं परिजनों को सांत्वना देने के लिए दीवानी बार के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव, मंत्री रण बहादुर यादव समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मृतक मनोज के घर खुटहन पहुंचे। इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं में बहुत आक्रोश है। परिजनों के सामने ही अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से वार्ता की।अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से वार्ता हुई है।उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में एसआई सकल दीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है।उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी।कहा कि उसे बहुत दिनों से अधिवक्ता मनोज को विरोधी प्रताड़ित कर रहे थे। हालांकि जब से वह अध्यक्ष बने तब से उनके सामने कोई प्रार्थना पत्र नहीं आया। पूर्व में आया था तो थानाध्यक्ष से वार्ता की गई थी। हमारे परिवार का एक आदमी ख़त्म हो गया। परिजनों से कहा अब आप लोगों पर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है ।आपको बच्चों को देखना है। कोई दिक़्क़त होगी तो आधी रात को हमें फ़ोन कर दीजिए। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो तांडव होगा। कल ही कह दिया था कि अगर दरोग़ा सस्पेंड नहीं हुआ तो डेड बॉडी लेकर आपके थाने पर आ रहे हैं।मंत्री रण बहादुर यादव से पूछा गया कि परेशान करने वाले दरोग़ा और लेखपाल वग़ैरह का नाम क्या आप लोग मुकदमे में बढवाएँगे। मंत्री रण बहादुर ने कहा कि हमें बहुत दुख है हमारे परिवार का एक बहुत ही व्यवहार कुशल व नेक अधिवक्ता हम लोगों के बीच नहीं रहा।बार की अपूरणीय क्षति हुई। जिनका भी नाम अधिवक्ता ने वीडियो में बताया था। वे सब के सब मुलज़िम बनाए जाएंगे ।एस आई सकलदीप को निलंबित कर दिया गया है। उसके ख़िलाफ़ विभागीय कार्रवाई हो रही है। कार्रवाई के बाद सकल दीप को भी मुल्जिम बनाना तय माना जा रहा है।

