कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध की बात ने बिहार में विवाद छेड़ दिया। खड़गे ने कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में सत्ता में आई, तो RSS पर पाबंदी लगेगी। बीजेपी ने इसे तानाशाही रवैया बताया और बिहार में विरोध प्रदर्शन किए। RJD और कांग्रेस ने खड़गे का समर्थन किया, जिससे बिहार में राजनीतिक माहौल गरमा गया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। RSS ने बयान जारी कर कहा कि वह सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, और इस तरह के बयान देश की एकता के खिलाफ हैं। बिहार में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। जनता में भी इस मुद्दे पर बहस तेज है। सोशल मीडिया पर #BanRSS और #SupportRSS ट्रेंड कर रहे हैं।

