पूर्वांचल विश्वविद्यालय व अराइज एंड अवेक संस्था का संयुक्त आयोजन
जौनपुर। शहर के सुक्खीपुर स्थित वृद्धाश्रम में बुधवार को एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बुजुर्गों ने न सिर्फ योगाभ्यास किया बल्कि पूरे समाज को स्वस्थ रहने का संदेश भी दिया। यह आयोजन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र एवं ‘अराइज एंड अवेक’ संस्था के संयुक्त प्रयास से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तहत संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के निर्देशन में महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने बुजुर्गों को योग का महत्व बताया। उन्होंने कहा, “स्वस्थ रहना ही सच्चा सुख है और योग इसमें सबसे प्रभावी माध्यम है। योग करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं, मन की लगन चाहिए।” उन्होंने वृद्धजनों को यह प्रेरणा दी कि वे वर्तमान में जिएं और बीते कल की चिंताओं को मन से निकाल फेंकें।
योग प्रशिक्षक जय सिंह ने बुजुर्गों को प्राणायाम और दर्द निवारक अभ्यास सिखाए, वहीं साधना मौर्य ने सांसों के माध्यम से मानसिक शांति पाने के उपाय बताए। वृद्धजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भजन प्रस्तुत किए, जिससे माहौल आध्यात्मिक और आनंदमय हो गया।
कार्यक्रम संयोजक एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह आयोजन बुजुर्गों के सम्मान और मानसिक सशक्तिकरण का प्रतीक है।”
इस अवसर पर डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ. पुनीत सिंह, विकास, अरविंद प्रजापति, अवनीश, अवधेश, सर्वशक्ति सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
योग और भक्ति से सजी इस संध्या ने यह संदेश दिया — उम्र चाहे जो भी हो, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना हर किसी का अधिकार है।

