- सत्यम शुक्ला (अखंड राष्ट्र)
जौनपुर जिला ग्राम नरवारी के मुख्य एवं प्राचीन हनुमान मंदिर में आज श्रावण माह के अत्यंत पावन और ऐतिहासिक अवसर पर भगवान शिव के नवस्थापित शिवलिंग की प्राणप्रतिष्ठा विधिपूर्वक सम्पन्न हुई। पूरे गांव में भक्ति और आस्था की लहर दौड़ पड़ी, जब मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयघोषों के बीच भगवान शिव के दिव्य स्वरूप को प्राणमय किया गया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। वैदिक परंपराओं के अनुसार प्रतिष्ठित आचार्यश्री वशिष्ठ चतुर्वेदी जी व उपस्थिति ब्राह्मणों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, हवन एवं महाशांति यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ की अग्नि से उठती हवाएं और वातावरण में गूंजते वेदमंत्र श्रद्धालुओं के हृदय को परम शांति और ऊर्जा से भर रहे थे।
आध्यात्मिक ऊर्जा का जागरण
प्राणप्रतिष्ठा का अर्थ है—मूर्ति में ‘प्राण’ का संचार करना, जिससे वह केवल पत्थर न रहकर देवता का जीवंत स्वरूप बन जाती है। आज की यह प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नगरवासियों के लिए श्रद्धा, आस्था और नवचेतना का उत्सव बन गई।सभी भक्तों ने भगवान शिव से गांव की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

इसके पश्चात प्रसाद वितरण,और भजनसंध्या काआयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार सत्यम शुक्ल ने कहा कि
“यह प्राणप्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान शिव की अनंत कृपा का प्रतीक है। अब यह शिवलिंग गांव के हर भक्त के लिए एक जाग्रत शक्ति का केंद्र बनेगा।”
शिवलिंग की इस दिव्य प्राणप्रतिष्ठा ने न केवल मंदिर को एक नया जीवन दिया, बल्कि श्रद्धालुओं के अंतर्मन में भी एक नवीन ऊर्जा और भक्ति की भावना का संचार किया। यह आयोजन आने वाले समय में धर्म, संस्कृति और एकता का प्रकाश स्तंभ बनकर गांव को आलोकित करता रहेगा।” सत्यम शुक्ला और गोपाल शुक्ला ने आयोजकों , उपस्थिति सभी भक्तों और विशेष रूप से युवाओं को कार्यक्रम को इतना भव्य बनाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया |

