दलित नेता लक्ष्मी प्रसाद बेन और रामप्रकाश वंशकार की दावेदारी मजबूत
मध्य प्रदेश में उपेक्षित वर्गों को राजनैतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक बार फिर बांस कारीगरी से जुड़े समाज को सम्मान देने की कवायद तेज हो गई है। पूर्ववर्ती शिवराज सरकार में गठित मप्र बांस एवं बांस शिल्प विकास बोर्ड मे इस वर्ग को न केवल सरकारी भागीदारी दी, बल्कि सामाजिक स्वाभिमान भी बढ़ाया। हालांकि, तत्कालीन अध्यक्ष पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया के कार्यकाल से समाज को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया।
अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में इस बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए नए नामों की चर्चा तेज हो गई है। सबसे प्रमुख नाम महाकौशल से आने वाले दलित वर्ग से मप्र बांस एवं बांस शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता श्री लक्ष्मी प्रसाद बेन का, नाम भी सुर्खियों में नजर आ रहा है जो समाज एवं जमीन से जुड़े नेता के तौर पर अपनी साफ-सुथरी छवि और संघर्ष शील कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। लक्ष्मी प्रसाद बेन की जबलपुर नगर निगम पार्षद एवं मेयर इन कौसिल सदस्य के रूप लोकप्रिय छबि रही है एवं विधानसभा चुनाव 2003 मे जबलपुर पूर्व क्षेत्र अनुसूचित जाति आरक्षित से विधानसभा चुनाव में बेहद कम अंतर से हारने के बावजूद आमजन एवं समाज से जुड़ाव बनाए रखा है।
इसी दौड़ में भोपाल के भाजपा के वरिष्ठ नेता रामप्रकाश वंशकार भी अपनी मजबूत दावेदारी के लिए प्रयासरत हैं। रामप्रकाश बंस्कार लगातार बड़े नेताओं से संपर्क बनाने में प्रयास रत हैं और अपनी मजबूत पकड़ बनाने में जुटे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, लक्ष्मी प्रसाद बेन ने पार्टी स्तर पर अपनी एक अनूठी पहचान कायम की है। और रामप्रकाश वंशकार – दोनों ही नेता समाज में लोकप्रिय हैं और बांस कारीगरी वर्ग को एक नई दिशा देने का संकल्प दोहराते रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व के सामने अब यह बड़ा सवाल है कि इस समाज के सशक्तिकरण के लिए किसे यह जिम्मेदारी सौंपी जाए।
प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि इस बार नेतृत्व ऐसे हाथों में दिया जाए जो समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरे और पिछली कमियों को दूर कर सके।

