जिला जज लखनऊ बबीता रानी ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा लखनऊ के पूर्व जेल अधीक्षक आशीष तिवारी के खिलाफ दायर उनके मुकदमे को सीजेएम लखनऊ ऋषिकेश पांडे की कोर्ट से किसी और कोर्ट में ट्रांसफर करने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है.
अमिताभ ठाकुर ने अपने प्रार्थना पत्र में पीठासीन अधिकारी के कार्यों से उन पर विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाने की बात कही थी. उन्होंने प्रार्थना पत्र में पीठासीन अधिकारी पर आवेदक के विरुद्ध व्यक्तिगत पूर्वाग्रह और इस संबंध में प्रशासनिक शिकायत किए जाने की बात कही थी. उन्होंने पीठासीन अधिकारी पर लीगल चार्टर के बाहर जाकर उनके मुकदमों को खारिज किए जाने की भी बात कही थी.
इस संबंध में पीठासीन अधिकारी ऋषिकेश पांडे ने शिकायतकर्ता के आरोपों को पूरी तरह असत्य बताया था.
जिला जज ने दोनों पक्ष की बात सुनकर कहा कि यदि पीठासीन अधिकारी द्वारा किसी मामले में किसी पक्ष के खिलाफ निर्णय किया जाता है, तो मात्र इस आधार पर स्थानांतरण प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया जा सकता. न्यायिक कार्यों में कोई ना कोई पक्ष हमेशा पीठासीन अधिकारी के आदेश से नाराज रहेगा, अतः मात्र आशंका के आधार पर केस ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है.

