जौनपुर: उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर की प्रधानाचार्य प्रो० डा० रूचिरा सेठी के दिशा निर्देश एवं एन०एम०सी० के नोटिस के सापेक्ष, प्रो० डा० ए०ए० जाफरी, अध्यक्ष, ‘एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा “एंटी रैगिंग” सप्ताह के अन्तर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होनें बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में रैगिंग के विरूद्ध जागरूकता फैलाना, अनुशासन व पारस्परिक सम्मान की भावना को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित व सकारात्मक शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना है। मैं अपने सभी वरिष्ठ छात्रों से आग्रह करता हूँ कि वे नए विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, मित्र और सहयोगी बनें। जूनियर और सीनियर का रिश्ता डर या दबाव का नहीं, बल्कि विश्वास और प्रेरणा का होना चाहिए। कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी का उद्देश्य संस्थान को पूरी तरह रैगिंग मुक्त बनाना है। कमेटी का कार्य रैगिंग संबंधी शिकायतों की त्वरित सुनवाई, जांच, आवश्यक कार्रवाई और विद्यार्थियों में जागरूकता फैलाना है।
उप-प्रधानाचार्य प्रो० डा० आशीष यादव ने अपने उद्बोधन में बताया कि रैगिंग केवल एक मजाक नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है-जो किसी विद्यार्थी के आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गहरा असर डाल सकता है। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने रैगिंग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया है और इसके लिए कड़े दंड का प्रावधान किया है। हम सबका दायित्व है कि हमारे परिसर में ऐसी किसी भी प्रकार की गतिविधि को न होने दें।
प्रो० डा० उमेश कुमार सरोज विभागाध्यक्ष, (आर्थोपेडिकस विभाग) द्वारा बताया गया कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थी भविष्य के डाक्टर होते हैं, इसलिए उनका व्यवहार करूणा, सम्मान और सहयोग पर आधारित होना चाहिए। वरिष्ठ छात्रों की भूमिका जूनियर विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और सहयोगी के रूप में होनी चाहिए, न कि भय या दबाव बनाने वाली।
*कार्यक्रम संयोजक डा आदर्श कुमार यादव* ने बताया कि एंटी रैगिंग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों जैसे पोस्टर प्रदर्शनी, छात्र संवाद और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। जिससे छात्र रैगिंग के खिलाफ एकजुट हो सकें। उन्होंने सभी से अपील किया कि यदि कभी आपको रैगिंग की घटना दिखाई दे या अनुभव हो, तो तुरंत कॉलेज प्रशासन, एंटी रैगिंग कमेटी या किसी भी चिकित्सा शिक्षक को सूचित करें। आपकी चुप्पी किसी और की पीड़ा बन सकती है, और आपकी आवाज किसी की जिंदगी बचा सकती है। संयोजक ने छात्रों को 24×7 एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर, ईमेल आईडी और शिकायत पेटी की जानकारी दी, ताकि किसी भी प्रकार की घटना तुरंत रिपोर्ट की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा और पीड़िता को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। संयोजक ने कार्यक्रम में शामिल सभी चिकित्सा शिक्षको एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की जागरूकता गतिविधियों से परिसर में सकारात्मक, सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल को और मजबूती मिलेगी। अंत में, संयोजक ने सभी से यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे न केवल रैगिंग से दूर रहेंगे, बल्कि रैगिंग मुक्त कैंपस बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षक डा० ले०क० सी०बी०एस० पटेल, डा० विनोद कुमार, डा० राजश्री यादव, डा० अरविन्द पटेल, डा० अचल सिंह, डा० विनोद वर्मा, डा० संजीव यादव, डा० स्वाती विश्वकर्मा, डा० आशीष गुप्ता, डा० अभिषेक मिश्रा, डा० रेनू, डा० पंकज, डा० मोबसिरा फातिमा एवं एम०बी०बी०एस० छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।

