योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी है। हाल ही में 16 आरोपियों को इस मामले में सजा सुनाई गई है। इनमें से 12 आरोपियों को आजीवन कारावास और चार को 10 वर्ष की सजा दी गई है। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस, एसटीएफ और एटीएस ने दो दर्जन से अधिक लोगों को अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया है। इनमें छांगुर बाबा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं, जिन पर विदेशी फंडिंग के जरिए धर्मांतरण कराने का आरोप है। सरकार ने इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष कानून बनाया है, जिसके तहत सख्त सजा का प्रावधान है। योगी सरकार का कहना है कि अवैध धर्मांतरण सामाजिक एकता के लिए खतरा है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई से राज्य में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

