दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बुधवार की रात आंधी ने कोहराम मचा दिया है। नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बागपत समेत कई जिलों में भारी तूफान देखने को मिला है। तेज आंधी के कारण कई जिलों में जानमाल का बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर पेड़ गिर गए हैं और सड़कें जाम हो गईं। उत्तर प्रदेश में आंधी, तूफान और बिजली के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हो गई है और कई लोग घायल हो गए हैं।
प्रशासन की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में बीते 24 घंटे में आंधी, पानी,बिजली गिरने और तूफान से 34 लोगो की मौत हो गई है। मेरठ में 4 गाजियाबाद में 3 कासगंज में 5 ,फतेहपुर में 5,बुलंदशहर में 2,औरैया में 2, इटावा में 2 कानपुर में 2 नोएडा,चित्रकूट, अम्बेडकरनगर ,अलीगढ़, हाथरस,फिरोजाबाद में भी मौतों का मातम पसरा हुआ है। वहीं
मेरठ में आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन अस्त -व्यस्त कर दिया। आधे घंटे में शहर की तस्वीर बदल.गई। पूरा शहर.अंधेरे में डूबा हुआ है, सड़कों पर पेड़ उखड़ गए, पेड़ गिरने से एक शख्स की मौत हो गई है। मृतक का नाम अमित चौधरी है और वह थाना. दौराला क्षेत्र के रूहासा गांव का रहने वाला है। वहीं थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में तीन मंजिलें एक मकान की दीवार पड़ोस की कच्ची छत पर गिर गई, जिसमें एक महिला और उसकी बच्ची दब गई। दोनोंं घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रेटर नोएडा में तेज आंधी तूफान ने ली युवक की जान,
एनटीपीसी टाउनशिप में घर से वॉक पर निकले युवक के ऊपर विकराल पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से युवक की मौके पर मौत हो गई है। युवक DAV NTPC स्कूल में अध्यापक के रूप में कार्यरत था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ये ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र के एनटीपीसी चौकी का मामला।
CM योगी ने अधिकारियों को दिया निर्देश,,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-बारिश, ओलावृष्टि के दृष्टिगत सम्बन्धित जनपदों के अधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर सर्वे करें तथा राहत कार्य पर नज़र रखें। आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, बारिश आदि आपदा से जनहानि और पशुहानि होने की स्थिति में तत्काल प्रभावितों को राहत राशि का वितरण करें। घायलों का समुचित उपचार कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अधिकारीगण सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करते हुए आख्या शासन को भेजें, ताकि इस सम्बन्ध में अग्रेत्तर कार्यवाही की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जल जमाव की स्थिति होने पर प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।

